नई दिल्ली 21 मार्च। लोकतांत्रिक सुधार संघ (ADR) की ताजा रिपोर्ट ने भारतीय संसद के उच्च सदन, राज्यसभा के सदस्यों की आर्थिक और आपराधिक स्थिति का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, सदन के लगभग 14 प्रतिशत सदस्य अरबपति हैं, वहीं 32 प्रतिशत सांसदों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह विश्लेषण 233 में से 229 वर्तमान सांसदों के शपथ पत्रों पर आधारित है।
पैसे वाले माननीय: ‘आप’ और ‘बीआरएस’ के सांसद सबसे अमीर
रिपोर्ट के मुताबिक, विश्लेषण किए गए सांसदों में से 31 सदस्य अरबपति हैं। राज्यसभा सांसद की औसत संपत्ति 120.69 करोड़ रुपये आंकी गई है।
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पार्टीवार अरबपति: भाजपा के 6, कांग्रेस के 5, वाईएसआरसीपी के 4, और आप व बीआरएस के 2-2 सांसद इस सूची में शामिल हैं।
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सबसे अमीर: बीआरएस के बंदी पार्थ सारथी (5,300 करोड़+) पहले स्थान पर हैं, जबकि ‘आप’ के राजिंदर गुप्ता (5,053 करोड़+) दूसरे स्थान पर हैं।
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सबसे कम संपत्ति: ‘आप’ के संत बलबीर सिंह के पास मात्र 3 लाख रुपये की संपत्ति है।
अपराध का साया: 16% पर गंभीर आरोप
सदन की गरिमा के बीच दागदार चेहरों की संख्या भी कम नहीं है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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73 सांसदों (32%) ने खुद पर आपराधिक मामले स्वीकार किए हैं।
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36 सांसदों (16%) पर हत्या, हत्या के प्रयास और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसे गंभीर आरोप दर्ज हैं।
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पार्टीवार दाग: भाजपा के 99 में से 27, कांग्रेस के 28 में से 12, और टीएमसी व ‘आप’ के 4-4 सांसदों पर आपराधिक मामले हैं।
औसत संपत्ति का पार्टीवार गणित
विभिन्न दलों के सांसदों की औसत संपत्ति के आंकड़े चौंकाने वाले हैं:
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आम आदमी पार्टी: 574.09 करोड़ रुपये (औसत)
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वाईएसआरसीपी: 522.63 करोड़ रुपये (औसत)
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समाजवादी पार्टी: 399.71 करोड़ रुपये (औसत)
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भाजपा: 28.29 करोड़ रुपये (औसत)
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कांग्रेस: 28.61 करोड़ रुपये (औसत)
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