पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकमुश्त 55 रुपये प्रति लीटर की ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान.
इस्लामाबाद: आर्थिक बदहाली और भारी कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान की आवाम पर आज आधी रात को एक और बड़ा ‘महंगाई बम’ फोड़ा गया है। शहबाज शरीफ सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एकमुश्त 55 रुपये प्रति लीटर की ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के बाद अब पाकिस्तान में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये और डीजल की कीमत 335.86 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
जंग का वैश्विक असर और पाकिस्तान की बेबसी इस भारी बढ़ोतरी के पीछे मुख्य कारण पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में छिड़ी भीषण जंग को बताया जा रहा है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। विदेशी मुद्रा भंडार की कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए अब महंगे रेट पर तेल खरीदना नामुमकिन सा हो गया है, जिसका बोझ सीधा जनता की जेब पर डाल दिया गया है।
IMF की शर्तें और घरेलू संकट सूत्रों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी पाकिस्तान पर दबाव बनाया था कि वह ईंधन पर दी जाने वाली रही-सही सब्सिडी को भी खत्म करे। कंगाली के कगार पर खड़े देश के पास IMF की बात मानने के अलावा कोई चारा नहीं था।
जनता में हाहाकार और अफरा-तफरी जैसे ही कीमतों में बढ़ोतरी की खबर लीक हुई, लाहौर, कराची और इस्लामाबाद जैसे बड़े शहरों के पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। लोग आधी रात से पहले अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। कई जगहों पर पेट्रोल खत्म होने के बोर्ड लगा दिए गए, जिससे जनता में भारी गुस्सा और अफरा-तफरी का माहौल है। जानकारों का मानना है कि ईंधन के दामों में इस उछाल से आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा, जिससे दूध, सब्जी और आटे जैसी बुनियादी चीजों की कीमतें भी बेकाबू हो जाएंगी।
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