रायपुर 3 फरवरी | छत्तीसगढ़ की धरती आज एक नए युग की गवाह बनने जा रही है। राज्य के शैक्षिक और वैज्ञानिक परिदृश्य में आज मंगलवार, 3 फरवरी को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। जिला प्रशासन रायपुर, IDYM फाउंडेशन और सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड के साझा प्रयासों से नवा रायपुर में प्रदेश के पहले अत्याधुनिक अंतरिक्ष केंद्र का लोकार्पण होने जा रहा है।
मुख्यमंत्री करेंगे ‘अंतरिक्ष संगवारी’ का आगाज
इस महत्वाकांक्षी परियोजना ‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ का लोकार्पण मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 10 बजे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, राखी (नवा रायपुर) में करेंगे। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव और कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहब की विशेष मौजूदगी रहेगी। यह केंद्र छत्तीसगढ़ के युवाओं को स्पेस रिसर्च और उपग्रह तकनीक से सीधे जोड़ने का काम करेगा।
गगनयान के नायक शुभांशु शुक्ला की मौजूदगी
इस गौरवशाली पल के सबसे बड़े आकर्षण भारत के प्रतिष्ठित अंतरिक्ष यात्री और अशोक चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला होंगे। भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ टेस्ट पायलट और गगनयान मिशन के लिए चयनित ग्रुप कैप्टन शुक्ला पहली बार छत्तीसगढ़ आ रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के ‘ब्रांड एंबेसडर’ के तौर पर वे विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उन्हें सितारों की दुनिया में करियर बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।
स्कूल की लैब में बनेगा सैटेलाइट: ISRO मानकों से लैस सुविधाएं
नवा रायपुर में स्थापित यह केंद्र किसी बड़े स्पेस रिसर्च सेंटर से कम नहीं है। इसे पूर्णतः ISRO मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है, जिसमें शामिल हैं:
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स्पेस क्वालिफाइड क्लीन रूम: जहाँ संवेदनशील उपकरणों को तैयार किया जाएगा।
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ग्राउंड स्टेशन और मिशन कंट्रोल: जहाँ से छात्र खुद सैटेलाइट डेटा को ट्रैक और डिकोड करेंगे।
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प्रैक्टिकल ट्रेनिंग: छात्र यहाँ केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि स्वयं उपग्रह का डिजाइन, असेंबली और परीक्षण करना सीखेंगे।
स्पेस टेक्नोलॉजी का हब बनेगा छत्तीसगढ़
‘प्रोजेक्ट अंतरिक्ष संगवारी’ का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को भविष्य के स्पेस रिसर्च हब के रूप में स्थापित करना है। यह केंद्र राज्य के ग्रामीण और शहरी विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक नवाचार की संस्कृति को बढ़ावा देगा, जिससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ के युवा भी भारतीय अंतरिक्ष अभियानों का हिस्सा बन सकें।








