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लाइक्स की भूख या मौत का खेल? बीच सड़क पर जानलेवा स्टंट करने वाले चार गिरफ्तार, अब जेल में बनेगी रील!

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कानून का खौफ खत्म तो पुलिस का प्रहार शुरू..

कोरबा, छत्तीसगढ़। कुछ लोगों के लिए शहर की सड़कें यातायात का साधन नहीं, बल्कि अपनी घटिया नुमाइश का ‘ओपन थिएटर’ बन गई हैं। सोशल मीडिया पर मुट्ठी भर ‘लाइक्स’ और चंद ‘व्यूज’ के लिए अपनी और दूसरों की जान दांव पर लगाने वाले इन तथाकथित ‘रील स्टार्स’ को शायद यह मुगालता था कि वे कानून से ऊपर हैं। लेकिन, कोरबा की सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने उनकी इस गलतफहमी को न सिर्फ तोड़ा है, बल्कि उनकी दबंगई को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

दहशत का वो ‘काला’ सफर

19 जनवरी की वो शाम कोरबा के राहगीरों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं थी। चार काली स्कॉर्पियो, उनमें सवार मदमस्त युवक और खिड़कियों से बाहर लटकती मौत। बालको से लेकर महाराजा होटल तक इन रील के शौकीनों ने जिस तरह का ‘तांडव’ मचाया, वह साफ तौर पर प्रशासन को खुली चुनौती थी। आईटीआई चौक से लेकर घंटाघर तक, इन रफ़्तार के सौदागरों ने कानून की धज्जियां उड़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। क्या इन रीलबाजों ने एक बार भी सोचा कि उनकी एक मामूली चूक किसी मासूम की जान ले सकती थी? आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

पुलिस का ‘इलाज’: न रियायत, न मोहलत

वीडियो वायरल हुआ और पुलिस के रडार पर ये ‘स्टंटबाज़’ आ गए। सिविल लाइन रामपुर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए इन चारों स्कॉर्पियो चालकों—पवन यादव, चंद्र कुमार, रोहित पटेल और सहजाद खान—के अहंकार को सड़क से उठाकर थाने पहुंचा दिया। चारों गाड़ियां अब पुलिस की कस्टडी में हैं और इन पर लगी BNS की धारा 281 और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 इस बात का सबूत है कि अब सिस्टम ‘रीलबाज़ी’ को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

पालकों की चुप्पी पर कड़ा प्रहार

सबसे शर्मनाक बात यह है कि इन गाड़ियों में नाबालिग बच्चे भी सवार थे। उन पालकों को क्या कहा जाए जो अपने बच्चों के हाथों में खिलौनों की जगह मौत की चाबी थमा रहे हैं? पुलिस ने पालकों को बुलाकर जो फटकार लगाई है, वह हर उस माता-पिता के लिए सबक है जो अपने बच्चों की ऐसी बेलगाम हरकतों पर पर्दा डालते हैं। आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज।

सड़क स्टूडियो नहीं है!

यह लेख उन तमाम लोगों के लिए एक चेतावनी है जो सार्वजनिक सड़कों को अपना निजी स्टूडियो समझते हैं। आपकी ‘रील’ किसी के घर का ‘चिराग’ बुझा सकती है। पुलिस की यह कार्रवाई एक संदेश है—अगर आप सड़क पर स्टंट करेंगे, तो आपका अगला ठिकाना लॉकअप होगा, न कि सोशल मीडिया का ट्रेंडिंग पेज पर।

 

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