कोरबा, 21 जनवरी 2026: सड़कों पर बढ़ते हादसों को रोकने और यातायात व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए लोकसभा सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों पर फोकस, लगेंगे रेडियम पट्टी और साइन बोर्ड सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले के ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां तत्काल गति अवरोधक (ब्रेकर्स), रेडियम पट्टी और स्पष्ट संकेतक बोर्ड लगाए जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों और पेड़ों की छंटाई की जाए ताकि चालकों को मोड़ पर स्पष्ट दृश्यता (Visibility) मिल सके।
लापरवाह चालकों पर गिरेगी गाज: हेलमेट और ओवरस्पीडिंग पर सख्ती बैठक में सांसद ने पुलिस और परिवहन विभाग को ओवर-स्पीडिंग, बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग (तीन सवारी) और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर सख्त चालानी कार्रवाई करने को कहा। वहीं, पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि जिले में शराब पीकर वाहन चलाने वालों और मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने वालों के खिलाफ अभियान जारी है, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष की तुलना में सड़क दुर्घटना मृत्यु दर में कमी आई है।
जागरूकता के लिए स्कूलों में लगेंगे शिविर युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति प्रेरित करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में एनसीसी, एनएसएस और स्काउट गाइड के माध्यम से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें नुक्कड़ नाटक, क्विज और निबंध प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाएगा।
प्रशासन की प्राथमिकता: सुरक्षित सड़कें कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने और सौंपे गए दायित्वों को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में भारी वाहन चालकों के लिए विशेष नेत्र परीक्षण शिविर आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।








