कोरबा | 20 जनवरी 2026 :कोरबा जिले के ग्राम मण्डीपारा (भैंसमा) की रहने वाली कक्षा दूसरी की छात्रा दिव्या खड़िया के लिए ‘चिरायु योजना’ (आरबीएसके) जीवनदायिनी साबित हुई है। हृदय में जन्मजात छेद की गंभीर बीमारी से जूझ रही इस मासूम का शासन की मदद से निःशुल्क सफल ऑपरेशन किया गया, जिसके बाद वह अब एक सामान्य और स्वस्थ जीवन जी रही है।
सांस फूलने की समस्या से थी परेशान
दिव्या को बचपन से ही चलने-फिरने और खेलकूद के दौरान सांस फूलने की समस्या होती थी। उसके माता-पिता और शिक्षक इस तकलीफ को लेकर हमेशा चिंतित रहते थे। इस बीच, जब चिरायु योजना की टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्कूल पहुँची, तो डॉक्टरों ने दिव्या के हृदय की धड़कन में असमानता पाई। गहन जांच के बाद पता चला कि उसके हृदय में छेद है।
आर्थिक तंगी नहीं बनी बाधा
बेटी की बीमारी की खबर सुनते ही गरीब माता-पिता घबरा गए। इलाज के भारी-भरकम खर्च को लेकर वे बेहद चिंतित थे, लेकिन चिरायु टीम ने उन्हें ढांढस बंधाया। टीम ने बताया कि शासन की इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों का इलाज पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है।
वी.वाय हॉस्पिटल में हुआ सफल ऑपरेशन
माता-पिता की सहमति के बाद, दिव्या को उच्च स्तरीय उपचार के लिए वी.वाय हॉस्पिटल रेफर किया गया। वहां 21 अक्टूबर 2025 को विशेषज्ञों द्वारा उसके हृदय का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद दिव्या अब पूरी तरह स्वस्थ है और अन्य बच्चों की तरह स्कूल जाने के साथ-साथ खेलकूद का आनंद ले रही है।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का जताया आभार
दिव्या के पिता श्री श्रवण कुमार खड़िया ने अपनी बेटी को नया जीवन मिलने पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने समय पर की गई जांच और इलाज के लिए जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और चिरायु टीम के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।








