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झीरम जांच पर अपनी ही पार्टी को घेरना पड़ा भारी: कांग्रेस प्रवक्ता विकास तिवारी पद से हटाए गए, थमाया नोटिस

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रायपुर: छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश प्रवक्ता विकास तिवारी को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर की गई है। विकास तिवारी ने झीरम घाटी हमले की जांच को लेकर अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं के नार्को टेस्ट की मांग की थी, जिसे पार्टी ने अनुशासन का उल्लंघन माना है।

विवाद की जड़: अपनों पर ही उठाए सवाल

हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के एक बयान के बाद, विकास तिवारी ने झीरम घाटी मामले की जांच कर रहे न्यायिक आयोग को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने भाजपा नेताओं के साथ-साथ कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कवासी लखमा का नार्को टेस्ट कराने की मांग कर डाली थी। ” आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज”

विकास तिवारी के इस कदम से पार्टी के भीतर भूचाल आ गया। वरिष्ठ नेताओं ने इसे पार्टी की गरिमा के खिलाफ और विपक्षी दल के एजेंडे को हवा देने वाला कदम बताया।

तीन दिन के भीतर मांगा जवाब

पार्टी के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैंदू ने विकास तिवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि उनके इस कृत्य को पार्टी विरोधी गतिविधि क्यों न माना जाए? उन्हें 3 दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उन्हें पार्टी से निष्कासित भी किया जा सकता है।” आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज”

राजनैतिक मायने

झीरम घाटी कांड छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए एक बेहद संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा रहा है। ऐसे में पार्टी के ही अधिकृत प्रवक्ता द्वारा अपने शीर्ष नेताओं को संदेह के घेरे में खड़ा करना कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर गया। पार्टी ने त्वरित कार्रवाई कर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा।