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3 जनवरी कोआसमान में दिखेगा अद्भुत नजारा: नए साल की शुरुआत ‘वुल्फ मून’ और ‘उपसौर’ के दुर्लभ संगम के साथ…छत्तीसगढ़ में चंद्रोदय का समय जाने

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  Wolf Moon & Space News : साल 2026 की शुरुआत खगोलीय घटनाओं के शौकीनों के लिए बेहद खास होने जा रही है। आगामी 3 जनवरी को आसमान में एक साथ दो दुर्लभ नजारे दिखेंगे। एक तरफ जहां साल की पहली पूर्णिमा पर ‘वुल्फ मून’ अपनी चांदनी बिखेरेगा, वहीं दूसरी ओर इसी दिन पृथ्वी, सूर्य के सबसे नजदीकी बिंदु यानी ‘उपसौर’ (Perihelion) पर होगी।

क्यों खास है ‘वुल्फ मून’?

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, जनवरी की पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से ‘वुल्फ मून’ कहा जाता है। प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक, सर्दियों में इन रातों के दौरान भेड़ियों के झुंड भोजन की तलाश में अधिक आवाजें (Howling) करते थे, जिससे इसका नाम यह पड़ा। इस दिन चंद्रमा पृथ्वी के काफी करीब होगा, जिससे यह सामान्य से अधिक बड़ा और चमकीला दिखाई देगा। इसे बिना किसी विशेष उपकरण के नंगी आंखों से देखा जा सकेगा। “आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

सूर्य के सबसे करीब होगी पृथ्वी, फिर भी क्यों है ठंड?

खगोलविदों ने बताया कि 3 जनवरी की रात लगभग 10:45 बजे पृथ्वी, सूर्य के सबसे निकटतम बिंदु पर होगी। इस दौरान पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी घटकर लगभग 14 करोड़ 70 लाख किलोमीटर रह जाएगी।

  • तेज रफ्तार:इस समय पृथ्वी अपनी कक्षा में सबसे तेज गति (30.27 किमी/सेकंड) से दौड़ती है।

  • ठंड का कारण:कई लोगों के मन में सवाल होता है कि सूर्य के नजदीक होने पर भी ठंड क्यों है? इसका कारण दूरी नहीं, बल्कि पृथ्वी का 23.5 डिग्री का अक्षीय झुकाव है। जनवरी में उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य से दूसरी ओर झुका होता है, जिससे किरणें तिरछी पड़ती हैं और कड़ाके की ठंड रहती है।

धार्मिक और आध्यात्मिक संगम

यह दिन केवल विज्ञान ही नहीं, बल्कि आस्था के नजरिए से भी बड़ा है। 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा है। शास्त्रों में इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व बताया गया है। इसी दिन से तीर्थ क्षेत्रों में माघ स्नान का संकल्प भी शुरू होता है। श्रद्धालु इस अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।”आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

छत्तीसगढ़ में चंद्रोदय का समय 

छत्तीसगढ़ के निवासियों के लिए 3 जनवरी 2026 की रात खगोलीय दृष्टि से बेहद खूबसूरत होने वाली है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों (जैसे रायपुर, बिलासपुर, कोरबा , जगलपुर और दुर्ग-भिलाई) के लिए सटीक समय और देखने के सुझाव नीचे दिए गए हैं:

छत्तीसगढ़ में 3 जनवरी को चंद्रमा के उदय होने का समय शाम 5:15 बजे से 5:35 बजे के बीच रहेगा।

  • रायपुर/दुर्ग: शाम लगभग 5:28 बजे।

  • बिलासपुर/कोरबा: शाम लगभग 5:24 बजे।

  • जगदलपुर (बस्तर): शाम लगभग 5:32 बजे।

प्रो टिप: चंद्रमा को उसके उदय होने के पहले 30 मिनट के भीतर देखना सबसे रोमांचक होता है, क्योंकि उस समय वह क्षितिज पर सबसे बड़ा (Giant Moon) दिखाई देता है।”आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

देखने के लिए बेहतरीन स्थान

  1. नदी के तट और घाट (धार्मिक और विजुअल अनुभव):

    • राजिम (प्रयाग): महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर चांद का प्रतिबिंब बहुत सुंदर दिखेगा। चूँकि यह पौष पूर्णिमा है, यहाँ का माहौल आध्यात्मिक भी होगा।

    • सिरपुर: महानदी के किनारे ऐतिहासिक मंदिरों की पृष्ठभूमि में ‘वुल्फ मून’ की फोटोग्राफी अद्भुत होगी।

  2. ऊंचाई वाले स्थान (Viewpoints):

    • रायपुर: मरीन ड्राइव (तेलीबांधा झील) या डंगनिया की पहाड़ियों के पास से खुला आसमान साफ दिखता है।

    • मेनपाट (सरगुजा): छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले इस क्षेत्र में प्रदूषण न के बराबर है, यहाँ से ‘वुल्फ मून’ की चमक सबसे अधिक सफेद और स्पष्ट होगी।

  3. जलाशय और बांध:

    कोरबा में चंद्रोदय का समय

    3 जनवरी 2026: शाम लगभग 5:24 बजे।

  • आप शाम 5:30 बजे से ही चांद को क्षितिज पर बड़ा और सुनहरे रंग में देख पाएंगे।

कोरबा में देखने के लिए प्रमुख स्थान (Viewpoints)

  1. सतरेंगा (Satrenga):

    • यह कोरबा से लगभग 25-30 किमी दूर स्थित है और ‘मिनी गोवा’ के नाम से प्रसिद्ध है। हसदेव नदी के विशाल जलाशय (Backwaters) के किनारे ‘वुल्फ मून’ का नजारा देखने के लिए यह छत्तीसगढ़ की सबसे अच्छी जगह हो सकती है। पानी में चांद का प्रतिबिंब एक जादुई अनुभव देगा।”आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

  2. हसदेव बांगो बांध (Hasdeo Bango Dam):

    • माचाडोली के पास स्थित इस बांध के कैचमेंट एरिया से खुला आसमान और क्षितिज साफ दिखता है। यहाँ से चांद का उदय देखना फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए स्वर्ग जैसा होगा।

  3. घंटा घर और खुले मैदान:

    • यदि आप शहर के भीतर हैं, तो घंटा घर (Ghanta Ghar) के आसपास के खुले क्षेत्र या घर  की ऊपरी मंजिल,ऊंचे स्थानों से भी चांद की चमक का आनंद लिया जा सकता है।

  4. केसला पिकनिक स्पॉट (Kesla):

    • बाल्को क्षेत्र के पास स्थित यह पहाड़ी इलाका शहर की लाइटों से थोड़ा दूर है, जिससे यहाँ से तारों भरा आसमान और चमकीला चांद अधिक स्पष्ट नजर आएगा।

सावधानी और सुझाव

3 जनवरी 2026: शाम लगभग 5:24 बजे।

ठंड और कोहरा: छत्तीसगढ़ के उत्तरी जिलों (अंबिकापुर, जशपुर) और बस्तर में जनवरी की रातें काफी ठंडी होती हैं। यदि आप बाहर निकल रहे हैं, तो गर्म कपड़ों का पूरा प्रबंध रखें।”आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

हल्का कोहरा: शाम के समय हल्का कोहरा हो सकता है, लेकिन ‘वुल्फ मून’ इतना चमकीला होता है कि वह धुंध को चीर कर भी दिखाई देता है।

रात्रि 10:45 बजे: इस समय अपनी खिड़की या छत से आकाश की ओर देखें और महसूस करें कि आप (छत्तीसगढ़ के निवासी) उस क्षण पूरे ब्रह्मांड में सूर्य के सबसे करीब हैं (उपसौर की स्थिति)।”आप पढ़ रहे है द खटिया खड़ी न्यूज।”

खगोलीय कैलेंडर पर एक नजर

3 जनवरी 2026: उपसौर (पृथ्वी सूर्य के सबसे करीब)।

6 जुलाई 2026: अपसौर (पृथ्वी सूर्य से सबसे दूर)।