रायपुर/राजिम | छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी माने जाने वाले राजिम को एक बड़ी प्रशासनिक सौगात दी है। राज्य शासन ने राजिम को नगर पंचायत से उन्नत कर नगर पालिका का दर्जा प्रदान कर दिया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा इसकी आधिकारिक अधिसूचना राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित कर दी गई है।

ऐतिहासिक फैसला: विकास के नए द्वार खुलेंगे
राजिम को नगर पालिका बनाए जाने का निर्णय स्थानीय निवासियों की वर्षों पुरानी मांग का परिणाम है। इस प्रशासनिक बदलाव के बाद अब राजिम को केंद्र और राज्य सरकार से अधिक बजट प्राप्त होगा। इससे नगर की अधोसंरचना, बेहतर पेयजल व्यवस्था, आधुनिक स्वच्छता प्रणाली और स्ट्रीट लाइट जैसे नागरिक सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो सकेगा।
दावा-आपत्ति के लिए 21 दिन का समय
अधिसूचना के अनुसार, नगर पालिका की सीमाएं वही रहेंगी जो वर्तमान में नगर पंचायत की हैं। नियमानुसार, इस अधिसूचना पर आगामी 21 दिनों तक दावा-आपत्ति की प्रक्रिया चलेगी। इस अवधि के पूर्ण होते ही नगर पालिका का विधिवत संचालन और नई प्रशासनिक व्यवस्थाएं पूरी तरह लागू हो जाएंगी।
कुंभ 2026 से पहले बड़ी तैयारी
धार्मिक दृष्टि से राजिम का महत्व सर्वोपरि है। महानदी, पैरी और सोंढूर के पावन संगम पर स्थित इस नगर में आगामी 1 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक ‘राजिम कुंभ’ का भव्य आयोजन होना है।
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प्रशासनिक मजबूती: नगर पालिका बनने से कुंभ मेले के दौरान बेहतर प्रबंधन और श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय सुविधाएं जुटाना आसान होगा।
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पर्यटन को बढ़ावा: दर्जे में वृद्धि से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
जनता में भारी उत्साह
विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उठे इस मुद्दे पर मुहर लगने के बाद राजिम क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों का मानना है कि यह निर्णय राजिम के शहरी भविष्य के लिए एक मजबूत नींव साबित होगा। परिवहन और बुनियादी ढांचे में सुधार से यह नगर भविष्य में एक बड़े शहरी केंद्र के रूप में उभरेगा।









