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पोस्टर से गायब हुई फोटो, तो अक्षय गर्ग को ही दुनिया से कर दिया गायब: सनकी कातिल की खूनी दास्तान!

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▪️हार का बदला और रसूख की भूख: 15 दिन की साजिश, बटन वाला मोबाइल और एक कत्ल!
▪️सूखी नदी और एक्सीडेंट की ‘थ्योरी’ ने खोला हत्या का राज: ऐसे दबोचा गया भाजपा नेता का हत्यारा मुश्ताक!
कोरबा, छत्तीसगढ़ 25 दिसंबर। जनपद सदस्य और भाजपा नेता अक्षय गर्ग हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी मिर्जा मुश्ताक सहित सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की पटकथा 15 दिन पहले ही लिख दी गई थी। चुनावी रंजिश के साथ-साथ क्रिकेट प्रतियोगिता के पोस्टर में अपनी तस्वीर न होना आरोपी मुश्ताक के लिए इतना अपमानजनक साबित हुआ कि उसने अक्षय गर्ग को रास्ते से हटाने की खूनी साजिश रच डाली।
मामले को सुलझाने में एसपी सिद्धार्थ तिवारी और पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला के मार्ग निर्देशन में पुलिस ने हर एंगल से त्वरित जांच की और आरोपियों को चौबीस घंटे के अंदर पकड़ने में बड़ी कामयाबी हासिल की।

सम्मान की जंग बनी ‘खूनी रंजिश’

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी मिर्जा मुश्ताक बीते कुछ समय से अक्षय गर्ग के बढ़ते प्रभाव से विचलित था। आग में घी का काम 20 दिसंबर को ग्राम मलदा में शुरू हुई क्रिकेट स्पर्धा ने किया। वहां लगे बैनर-पोस्टर में अपनी तस्वीर न देखकर मुश्ताक को लगा कि उसका रसूख खत्म हो रहा है। इसी ‘अपमान’ का बदला लेने के लिए उसने अपने सहयोगी विश्वजीत और दो अन्य के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। आरोपियों को पैसे और गाड़ी का लालच दिया गया था।

हाईटेक जमाने में ‘बटन वाले मोबाइल’ से रेकी

साजिश को अंजाम देने के लिए मुश्ताक ने शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया। उसने रेकी के लिए गुलशन नाम के युवक को तैयार किया और उसे ‘बटन वाला मोबाइल’ खरीद कर दिया, ताकि पुलिस की रडार से बचा जा सके। 23 दिसंबर की सुबह योजनाबद्ध तरीके से हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी जटगा और मोरगा की ओर भागे।

सूखी नदी और सीसीटीवी ने खोला राज

हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने मोरगा पुल से कुल्हाड़ी और चाकू नदी में फेंके, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। जहां आरोपियों को पानी दिख रहा था, वहां जमीन सूखी थी और हथियार वहीं पड़े रह गए। आरोपियों ने खून से सने कपड़े और मोबाइल सिम भी जला दिए। वापस लौटते समय कार का एक्सीडेंट होना और उसे गैरेज में छोड़ना आरोपियों के लिए गले की फांस बन गया।

पुलिस की मुस्तैदी: चंद घंटों में सलाखों के पीछे हत्यारे

पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज और संदिग्ध वाहनों की जांच की, तो सफेद रंग की ब्रेजा कार पर शक गहराया। कार के पूर्व मालिक से पूछताछ में मुश्ताक का नाम सामने आया। मुश्ताक ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन गैरेज के सीसीटीवी फुटेज ने उसके झूठ की पोल खोल दी। कड़ाई से पूछताछ में उसने विश्वजीत और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या की बात स्वीकार कर ली।

सियासी हलकों में चर्चा: चुनावी हार-जीत को व्यक्तिगत रंजिश में बदलकर इस तरह के जघन्य अपराध को अंजाम देने की जिले भर में निंदा हो रही है। प्रबुद्ध जनों का कहना है कि राजनीति में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक मानसिकता के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

प्रमुख बिंदु:

मुख्य आरोपी: मिर्जा मुश्ताक (मास्टरमाइंड)।

वजह: चुनावी रंजिश और पोस्टर विवाद।

साजिश: 15 दिनों तक की गई रेकी, बटन वाले फोन का इस्तेमाल।

कार्रवाई: सभी आरोपी जेल दाखिल, नाबालिग बाल संप्रेषण गृह भेजा गया।

 

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