कोरबा, छत्तीसगढ़ 17 दिसंबर। जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल अब मरीजों के इलाज से ज्यादा सुरक्षा में सेंधमारी को लेकर चर्चा में है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के दावों की पोल खोलते हुए चोरों ने पिछले 20 दिनों के भीतर तीसरी बार बड़ी चोरी को अंजाम दिया है। हैरानी की बात यह है कि 50 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बावजूद चोर बेखौफ होकर सरकारी संपत्ति पर हाथ साफ कर रहे हैं।
ताजी वारदात: एसी के आउटलेट और कॉपर पाइप पार
इस बार चोरों ने अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर को निशाना बनाया। यहाँ लगाए जा रहे नए एयर कंडीशनर (AC) के आउटलेट, कीमती कॉपर पाइप और बिजली के तार चोरी कर लिए गए हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, चोरों ने वायरोलॉजी विभाग में लगे एसी के आउटलेट पर भी हाथ साफ कर दिया है।
सुरक्षा एजेंसी के सुस्त रवैये पर उठे सवाल
लगातार हो रही इन घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
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नोटिस जारी: अस्पताल अधीक्षक डॉ. रविकांत जटवार ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराने के साथ ही सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही ‘कामथेन’ कंपनी को नोटिस जारी किया है।
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लापरवाही की हद: बताया जा रहा है कि सुरक्षा कंपनी को पहले भी कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। अस्पताल में 24 घंटे 50 से 55 गार्ड तैनात रहते हैं, फिर भी चोरों का पकड़ा न जाना एक बड़ी पहेली बना हुआ है।
वाहन स्टैंड भी सुरक्षित नहीं: पर्ची कटवाने के बाद भी बाइक चोरी
चोरी का सिलसिला सिर्फ उपकरणों तक सीमित नहीं है। अस्पताल के पार्किंग स्टैंड से भी वाहन गायब हो रहे हैं।
मामला: 26 नवंबर को मुड़ापार निवासी आलम अली की बाइक सुबह 11:30 बजे स्टैंड से चोरी हो गई। पीड़ित के पास पार्किंग की रसीद होने के बावजूद स्टैंड संचालक ने जिम्मेदारी लेने के बजाय पल्ला झाड़ लिया और सीसीटीवी फुटेज दिखाने से भी इनकार कर दिया।
फिलहाल, सिविल लाइन थाना पुलिस इन मामलों की जांच कर रही है, लेकिन अस्पताल में बढ़ता असुरक्षा का माहौल प्रबंधन और आम जनता दोनों के लिए सिरदर्द बना हुआ है।








