Political conflict intensifies over PM Modi’s ‘drama’ remark; Priyanka Gandhi and Akhilesh Yadav criticize him.
नई दिल्ली 1 दिसंबर: संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को ‘ड्रामा’ न करने की नसीहत के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। पीएम मोदी ने सोमवार को देश को संबोधित करते हुए कहा कि संसद में नारेबाज़ी नहीं, बल्कि नीतिगत काम और विधायी प्रक्रिया पर जोर होना चाहिए। उन्होंने हाल ही में हुए बिहार चुनाव का जिक्र करते हुए विपक्ष की हार पर भी तंज कसा और कहा कि हार का असर अभी भी दिखाई दे रहा है।
प्रियंका गांधी
प्रधानमंत्री के बयान के तुरंत बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जरूरी सार्वजनिक मुद्दों को उठाना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी है। संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावी अनियमितताएँ, वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और बढ़ता प्रदूषण जैसे मुद्दों पर चर्चा होना आवश्यक है। प्रियंका गांधी ने कहा कि “मुद्दे उठाना ड्रामा नहीं है, बल्कि संसद का असली काम है।”
अखिलेश यादव
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “सबको पता है कि ड्रामा कौन करता है।” अखिलेश ने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान बीजेपी पुलिस और दबाव का इस्तेमाल करती है, जबकि लोग गंभीर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में शब्दों का खेल नहीं, बल्कि जनता के मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है।
सकारात्मक माहौल में चर्चा की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने सभी दलों से सकारात्मक माहौल में चर्चा करने और शीतकालीन सत्र को उत्पादक बनाने की अपील की है। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने पर पीछे नहीं हटेगा।








