बिहार के गयाजी जिले के गुरारू ब्लॉक के कोंचा गांव में एक अनोखी घटना देखने को मिली, जहां वायुसेना से सेवानिवृत्त मोहनलाल ने अपनी खुद की शवयात्रा निकाली। मोहनलाल ने ऐसा इसलिए किया ताकि वह देख सकें कि उनकी शवयात्रा में कितने लोग शामिल होते हैं और उन्हें कितना सम्मान और स्नेह मिलता है।
मोहनलाल ने अपनी शवयात्रा के दौरान एक अर्थी बनवाई और उस पर लेटकर मुक्तिधाम यानी शमशान घाट तक गए। वहां उन्होंने अपना प्रतीकात्मक पुतला जलवाया और सामूहिक भोज का आयोजन किया। मोहनलाल की इस अनोखी शवयात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और उनकी इस पहल की सराहना की।
मोहनलाल क्षेत्र में समाजसेवा के काम भी करवाते हैं और कुछ समय पहले ही उन्होंने अपने खर्च पर गांव में एक मुक्तिधाम बनवाया था। मोहनलाल के दो बेटे हैं – डॉ दीपक कुमार और विश्व प्रकाश, और एक बेटी गुड़िया कुमारी हैं। मोहनलाल की पत्नी जीवन ज्योति का 14 वर्ष पूर्व निधन हो गया था। तब से मोहनलाल गांव के लोगों के लिए काम करते आ रहे हैं ¹ ².








