छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने IMA कोरबा की याचिका खारिज की
बायो मेडिकल कचरा सुविधा में पर्यावरण मंजूरी में देरी पर जताई चिंता
बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए), कोरबा शाखा की एक याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें एक निजी कंपनी को दिए गए बायो-मेडिकल कचरा प्रबंधन के टेंडर को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने कहा कि आईएमए टेंडर स्वीकृति समिति का हिस्सा था, इसलिए उसे इसकी वैधता पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।
*मुख्य बिंदु:*
<>- याचिका खारिज: कोर्ट ने आईएमए की याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें टेंडर को रद्द कर नया टेंडर जारी करने की मांग की गई थी।
<>- *टेंडर प्रक्रिया: टेंडर 18 जुलाई 2019 को जारी हुआ था और 25 नवंबर 2019 को काम आवंटित किया गया था, लेकिन पर्यावरण मंजूरी में देरी के कारण काम शुरू नहीं हो सका।
<>- पर्यावरण मंजूरी: कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पर्यावरण मंजूरी के आवेदन पर जल्द से जल्द फैसला लिया जाए ताकि काम शुरू हो सके।
<>- याचिका की वैधता: कोर्ट ने पाया कि याचिका 10 निजी नर्सिंग होम चलाने वाले डॉक्टरों की ओर से दायर की गई थी, न कि पूरे आईएमए की ओर से
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