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बेंगलुरु में कुदरत का कहर: बारिश से बचने की कोशिश पड़ी भारी, अस्पताल की दीवार गिरने से 7 जिंदगियां खत्म सक्ती: एक साथ जन्मीं, एक साथ दुनिया से विदा हुईं; तालाब में डूबने से दो मासूम जुड़वा बहनों की मौत छत्तीसगढ़ : सरकारी विज्ञापनों में हेराफेरी पर लगेगी लगाम, अब ‘प्रचार ऐप’ करेगा होर्डिंग्स की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग CGBSE Result 2026: छत्तीसगढ़ बोर्ड रिजल्ट में बेटियों का दबदबा, 10 वीं में तीन और 12 वीं में रिया साहू ने रचा इतिहास! यूपी के विकास की नई ‘लाइफ लाइन’ बना गंगा एक्सप्रेसवे, पीएम मोदी ने हरदोई से किया लोकार्पण पाली का ‘वर्कहोलिक’ चोर: एक महीने में 11 टारगेट, परफॉरमेंस देख पुलिस भी हैरान!
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बेंगलुरु में कुदरत का कहर: बारिश से बचने की कोशिश पड़ी भारी, अस्पताल की दीवार गिरने से 7 जिंदगियां खत्म

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बेंगलुरु 29 अप्रैल 2026: कर्नाटक की राजधानी में बुधवार का दिन मातम में बदल गया। शहर के प्रतिष्ठित बॉरिंग एंड लेडी कर्जन अस्पताल के पास एक भीषण हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। अचानक आई तेज बारिश और आंधी के बीच अस्पताल परिसर की एक पुरानी कंपाउंड दीवार भरभराकर गिर गई, जिसने वहां शरण लिए हुए लोगों को संभलने का मौका तक नहीं दिया।

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हादसे का मंजर: जब शरण ही बन गई ‘काल’

बुधवार दोपहर बेंगलुरु के कुछ हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली। मूसलाधार बारिश से बचने के लिए वहां से गुजर रहे राहगीर और अपना सामान समेट रहे वेंडर्स ने अस्पताल की दीवार के पास तिरपाल लगाकर शरण ली थी। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि जिस दीवार का सहारा वे बारिश से बचने के लिए ले रहे हैं, वही मौत बनकर उन पर टूट पड़ेगी।

तेज हवाओं और पानी के दबाव के कारण दीवार अचानक गिर गई। मलबे का वजन इतना ज्यादा था कि दबने वालों को बाहर निकलने का अवसर ही नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया, लेकिन मलबे से सात शव ही निकाले जा सके।


मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मुआवजे का एलान

हादसे की खबर मिलते ही कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मौके का जायजा लिया और अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात की।

“यह एक अत्यंत दुखद घटना है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं।” — मुख्यमंत्री सिद्धारमैया

प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल

इस त्रासदी ने बेंगलुरु के बुनियादी ढांचे और पुरानी इमारतों के रखरखाव पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दीवार काफी पुरानी और जर्जर स्थिति में थी। भारी बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या ने स्थिति को और गंभीर बना दिया था।

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