हसदेव में घुला ‘सफेद ज़हर’: ₹20 करोड़ के जुर्माने में बिका कोरबा का पर्यावरण?
//राख का सैलाब, व्यवस्था की राख!// कोरबा 21 मई । विकास की रोशनी देने का दावा करने वाले जब खुद अंधेरे और लापरवाही के गड्ढे में गिर जाएं, तो अंजाम कितना भयानक होता है, इसका सबूत है कोरबा का हसदेव दर्री बैराज। बिजली उत्पादन के नाम पर कोरबा के पर्यावरण और जनजीवन के फेफड़ों में … Read more