रायपुर | 20 सितंबर 2026 Indian Classical Dance :41वें चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या शास्त्रीय संगीत और नृत्य के भव्य संगम की साक्षी बनी। इस अवसर पर उज्जैन से आईं प्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं नृत्य निर्देशक डॉ. खुशबू पांचाल ने अपनी शानदार कथक प्रस्तुति से पूरे मंच को जीवंत कर दिया। जैसे ही उनके घुंघरूओं की झंकार गूंजी, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शक भाव-विभोर होकर प्रस्तुति में खो गए।

लय, ताल और भाव-भंगिमाओं का सुंदर समन्वय
डॉ. खुशबू पांचाल की प्रस्तुति में कथक की शास्त्रीय गरिमा और भाव-सौंदर्य का अद्भुत संतुलन देखने को मिला। उन्होंने कथक की बारीकियों, लयकारी, गति और आकर्षक पदसंचालन (फुटवर्क) को इतनी सहजता और सटीकता से पेश किया कि मंच पर भारतीय शास्त्रीय कला का समृद्ध रूप साकार हो उठा। उनकी सहज भावाभिव्यक्ति और तालबद्ध पदचालन ने दर्शकों का ध्यान अंत तक बांधे रखा।
तीन दशकों की अविरल नृत्य साधना
डॉ. खुशबू पांचाल पिछले तीन दशकों से कथक की निरंतर साधना, प्रशिक्षण और इसके प्रचार-प्रसार में समर्पित हैं।
-
संस्थान एवं दायित्व: वे उज्जैन स्थित ‘नृत्य साधना नृत्य मंदिर’ की संस्थापिका एवं निदेशिका हैं, साथ ही ‘नृत्याराधना संगीत एवं कला महाविद्यालय’ में प्राचार्य के रूप में भावी कलाकारों को तराशने का काम कर रही हैं।
-
प्रतिष्ठित मंचों पर उपस्थिति: इससे पूर्व वे देश-विदेश के कई ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक मंचों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं, जिनमें खजुराहो नृत्य समारोह, मोढेरा महोत्सव और अखिल भारतीय कालिदास समारोह प्रमुख हैं।
चक्रधर समारोह के मंच पर उनके इस प्रदर्शन ने कथक की समृद्ध परंपरा, संगीत, लय और भाव की खूबसूरती को एक नए शिखर पर पहुंचा दिया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने खड़े होकर तालियों के साथ कलाकार का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया।








