कोरबा 20 सितंबर 2026। मालती किन्नर के निधन के बाद स्थानीय किन्नर समाज में गद्दी और उत्तराधिकार की जंग अचानक तेज हो गई है। यह विवाद तब और ज्यादा गहरा गया जब जम्मू-कश्मीर से शीतल नायक अपने सहयोगियों के साथ कोरबा पहुंचीं। इसके बाद से उत्तराधिकार के हक को लेकर दो पक्षों के बीच सीधी खींचतान शुरू हो गई है।

रानू किन्नर का दावा और बाहरी पक्ष पर गंभीर आरोप
स्थानीय पक्ष की रानू किन्नर का दावा है कि मालती किन्नर ने अपने जीवनकाल में ही उन्हें गद्दी का आधिकारिक उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। मालती की बेहद करीबी मानी जाने वाली रानू ने आरोप लगाया कि शीतल नायक अपने साथ कुछ बाहरी लोगों को लेकर आई हैं, जो उन पर दबाव बनाने और डराने-धमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
परंपरा के समर्थन में उतरे वरिष्ठजन
इस खींचतान के बीच किन्नर समाज के वरिष्ठ पदों पर बैठे लोग भी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। रायपुर की अनीता किन्नर और रायगढ़ की पूर्व महापौर मधु बाई किन्नर ने स्पष्ट किया कि समाज की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार वही व्यक्ति गद्दी का हकदार होता है जिसे गुरु द्वारा घोषित किया गया हो।
वरिष्ठों के रुख के बावजूद, मालती किन्नर के निधन के बाद कोरबा की गद्दी पर वास्तविक अधिकार किसका होगा—यह सवाल फिलहाल सुलझता नजर नहीं आ रहा है।








