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रायपुर के आंबेडकर अस्पताल की स्टडी: कोरोना के बाद युवाओं में ढाई गुना बढ़े हार्ट अटैक के मामले, मोटापा और नशा मुख्य वजह

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रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय एवं आंबेडकर अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग ने एक शोध में चौंकाने वाले आंकड़े उजागर किए हैं। अध्ययन के मुताबिक, कोरोना महामारी के बाद 40 वर्ष या उससे कम उम्र के युवाओं में एक्यूट कोरोनरी सिंड्रोम (ACS) यानी हार्ट अटैक की दर में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुरेश चंद्रवंशी और पीजी छात्रा डॉ. निकिता गुसाईं द्वारा मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच 288 मरीजों पर यह रिसर्च किया गया। इसमें 40 साल से कम और उससे अधिक उम्र के मरीजों का तुलनात्मक अध्ययन हुआ।

आंकड़ों में बड़ा उछालप्री-कोविड काल (2018-19) में कुल एसीएस मरीजों में युवाओं की हिस्सेदारी केवल 8.29 प्रतिशत थी, जो 2024-25 में बढ़कर 20.85 प्रतिशत तक पहुंच गई है। आंकड़ों के लिहाज से युवाओं में दिल के दौरे के मामलों में ढाई गुना से भी अधिक की वृद्धि हुई है।

युवाओं में हार्ट अटैक के मुख्य कारणअध्ययन से स्पष्ट हुआ है कि युवाओं में हार्ट अटैक के कारण बुजुर्गों के पारंपरिक कारणों से काफी भिन्न हैं:

  • मोटापा: 40 साल तक के 19.44 प्रतिशत युवा मोटापे से ग्रस्त पाए गए, जबकि अधिक उम्र के मरीजों में यह आंकड़ा मात्र 6.25 प्रतिशत था।

  • नशे की लत:युवा मरीजों में शराब का सेवन 45.14 प्रतिशत, सिगरेट 22.91 प्रतिशत और गुटखा-तंबाकू 16.67 प्रतिशत पाया गया। अधिक उम्र वालों में ये आंकड़े तुलनात्मक रूप से काफी कम थे।

  • बिना किसी पुरानी बीमारी के अटैक:लगभग 65.28 प्रतिशत युवा मरीजों को पहले से हाई बीपी या शुगर जैसी कोई बीमारी नहीं थी, जबकि बुजुर्ग मरीजों में हाई बीपी (52.78 प्रतिशत) और शुगर (38.20 प्रतिशत) मुख्य वजहें थीं।

कोरोना वैक्सीन से सीधा संबंध नहींशोध में पाया गया कि युवाओं में टाइप-2 डायबिटीज, शराब और तंबाकू का सेवन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, अध्ययन में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कोरोना संक्रमण या टीकाकरण का हृदय की कार्यक्षमता (Left Ventricle Function) में कमी से कोई सीधा संबंध नहीं मिला है ।