Home » देश » पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: देश के दिग्गज वकील उज्ज्वल निकम संभालेंगे केस, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

पुणे केतन अग्रवाल हत्याकांड: देश के दिग्गज वकील उज्ज्वल निकम संभालेंगे केस, फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

Share:

 Ketan Agrawal Case :  महाराष्ट्र का बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड इस समय पूरे देश में सुर्खियों में है। इस सनसनीखेज मामले में अब देश के सबसे अनुभवी और कड़क क्रिमिनल लॉयर उज्ज्वल निकम की एंट्री हो गई है।(आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) महाराष्ट्र सरकार ने पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय दिलाने के लिए उज्ज्वल निकम को इस केस का स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (विशेष सरकारी वकील) नियुक्त किया है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के निर्देश भी दिए हैं।

‘सीएम फडणवीस का फोन आया था’ — उज्ज्वल निकम

राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट उज्ज्वल निकम ने इस नियुक्ति की पुष्टि करते हुए कहा:

“मुझे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का फोन आया था। अग्रवाल परिवार ने सीएम से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने मुझे इस मर्डर केस में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त करने का फैसला किया।”

Advt

जांच में रोज नए खुलासे: भाई साहिल को भी थी जानकारी

18 जून को लोहागढ़ किले की खाई से 26 वर्षीय केतन अग्रवाल का शव मिला था। (आप पढ़ रहे हैं द खटिया खड़ी न्यूज) शुरुआत में इसे हादसा माना जा रहा था, लेकिन केतन की मंगेतर सिया गोयल के बदलते बयानों ने शक पैदा कर दिया। पुलिस जांच में जो खौफनाक सच सामने आया, उसने सबको झकझोर कर रख दिया।

  • साजिश के तहत हत्या: 20 साल की मंगेतर सिया ने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को खाई में धकेल दिया था। दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

  • शनिवार को नया खुलासा: हालिया पूछताछ में सामने आया है कि सिया और चेतन के प्रेम प्रसंग के बारे में सिया के भाई साहिल गोयल को भी पहले से जानकारी थी।

  • न्याय की मांग: शनिवार को केतन के परिजनों और स्थानीय लोगों ने पुणे में एक कैंडल मार्च निकालकर आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की।

कौन हैं देश के चर्चित वकील उज्ज्वल निकम?

उज्ज्वल देवराव निकम भारत के कानूनी इतिहास के सबसे बड़े नामों में से एक हैं। उनका ट्रैक रिकॉर्ड बेहद कड़क और प्रभावी रहा है:

  • प्रमुख केस: उन्होंने 1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट और 26/11 मुंबई आतंकी हमले में सरकारी वकील के तौर पर आतंकी अजमल कसाब को फांसी के फंदे तक पहुँचाया।

  • हाई-प्रोफाइल मामले: गुलशन कुमार हत्याकांड और प्रमोद महाजन हत्याकांड जैसे कई बड़े मामलों की पैरवी कर चुके हैं।

  • सम्मान: कानून के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए साल 2016 में उन्हें ‘पद्मश्री’ से सम्मानित किया गया था। वर्तमान में वह राज्यसभा सांसद भी हैं।

उज्ज्वल निकम की एंट्री के बाद अब इस केस में आरोपियों पर कानून का शिकंजा और कसना तय माना जा रहा है।

📍

Leave a Comment