कोरबा, 29 जून 2026: कोरबा जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास की एक नई बयार बह रही है। जिला प्रशासन की दूरदर्शिता और जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के सही इस्तेमाल से वर्षों पुरानी बुनियादी समस्याओं का अंत हो रहा है। इसका सबसे बेहतरीन उदाहरण मुढ़ापार से धतूरा होते हुए कोरबी एवं खम्हरिया तक बनी नई सड़क है, जो आज इलाके के ग्रामीणों के लिए विकास की नई पहचान बन चुकी है।
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कलेक्टर कुणाल दुदावत की प्लानिंग से मिली बड़ी सौगात
कभी बारिश के दिनों में कीचड़ और जलभराव के कारण टापू बन जाने वाले इन गांवों की किस्मत बदलने का बीड़ा कलेक्टर कुणाल दुदावत ने उठाया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और विधायक प्रेमचंद पटेल की पहल व ग्रामीणों की मांग को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने DMF मद से 180.93 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी। प्रशासन और निर्माण एजेंसी की मुस्तैदी का ही नतीजा है कि 15 अप्रैल 2026 को इस 4.40 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कर लिया गया।
सड़क एक, फायदे अनेक: ग्रामीणों की जिंदगी में आया बड़ा बदलाव
इस सड़क के कायाकल्प से मुढ़ापार, धतूरा, कोरबी और खम्हरिया सहित आसपास के दर्जनों गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है:
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आसान हुआ सफर: अब ग्रामीणों को जिला मुख्यालय और अन्य आवश्यक स्थानों तक पहुंचने में बहुत कम समय लगता है। वर्षभर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो गया है।
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बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य: पहले जो बच्चे बारिश के डर से स्कूल नहीं जा पाते थे और जो मरीज अस्पताल पहुंचने के लिए परेशान होते थे, अब वे बिना किसी बाधा के सुगम सफर कर पा रहे हैं।
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आर्थिक तरक्की को मिली रफ्तार: किसान अब बिना किसी झंझट के अपनी कृषि उपज को सही समय पर बाजार तक पहुंचा पा रहे हैं, जिससे उनकी आय और व्यापार में बढ़ोतरी हो रही है।
“जनहित सर्वोपरि”
यह विकास कार्य इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब सरकारी योजनाओं का सही दिशा में प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो वह लोगों के जीवन में वास्तविक और स्थायी सकारात्मक बदलाव लेकर आता है। ग्रामीणों ने इस सौगात के लिए जिला प्रशासन और DMF के प्रति दिल से आभार जताया है।








