शिलांग 29 जून : मेघालय के बहुचर्चित ‘राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस’ में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को न्यायपालिका से बड़ी कानूनी राहत मिली है। मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें सोनम की जमानत रद्द करने की गुहार लगाई गई थी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद निचली अदालत द्वारा दी गई जमानत बरकरार रहेगी और सोनम जेल से बाहर ही रहेंगी।
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# क्या है पुलिस का पक्ष?
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मेघालय की पुलिस महानिदेशक (DGP) इदाशिशा नोंगरांग ने पहले ही साफ कर दिया था कि पुलिस निचली अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी। पुलिस का दावा है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता और ठोस सबूत मौजूद हैं। हालांकि, हाईकोर्ट ने पुलिस और राज्य सरकार की दलीलों को पर्याप्त न मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया। इससे पहले सोनम को 28 अप्रैल को शिलांग की निचली अदालत से जमानत मिली थी।
# क्या है पूरा मामला?
यह हाई-प्रोफाइल मामला साल 2025 का है, जब राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई 2025 को हनीमून मनाने मेघालय आए थे। 26 मई को सोहरा (चेरापूंजी) घूमने के दौरान दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। पुलिस, NDRF और SDRF के कड़े सर्च ऑपरेशन के बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव सोहरा के प्रसिद्ध ‘वेई सादोंग फॉल्स’ के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ था।
# प्रेम प्रसंग और हत्या की साजिश का आरोप
मेघालय पुलिस की जांच के अनुसार, सोनम रघुवंशी पर आरोप है कि उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाहा के साथ मिलकर पति राजा रघुवंशी की हत्या की पूरी साजिश रची थी। इस मामले में पुलिस ने सोनम और राज के अलावा तीन अन्य आरोपियों—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी—के खिलाफ भी हत्या का केस दर्ज किया है। हालांकि, सभी आरोपियों ने खुद को बेकसूर बताते हुए इन आरोपों को खारिज किया है।








