रायपुर 2 जुलाई : छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी विकास को एक बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है। राज्य सरकार के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के लिए कुल 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपए की राशि जारी कर दी है।
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यह राशि महापौर, अध्यक्ष और पार्षदों की निधि के रूप में आवंटित की गई है, जिससे स्थानीय स्तर पर मूलभूत विकास कार्य कराए जाएंगे।
डिप्टी सीएम अरुण साव की मंजूरी के बाद फंड जारी
उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने इस फंड को तत्काल प्रभाव से जारी किया है। डिप्टी सीएम साव ने सभी नगरीय निकायों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस राशि का पूरी पारदर्शिता और सही तरीके से उपयोग किया जाए, ताकि शहरी आबादी को सरकारी योजनाओं का सीधा और समुचित लाभ मिल सके।
बजट का गणित: दो किश्तों में बंटी राशि
वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत जारी किए गए इस बजट को निम्नलिखित दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
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महापौर और अध्यक्ष निधि (प्रथम किश्त): नगर निगमों में महापौर निधि और नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि के लिए कुल आवंटित राशि की 50-50 प्रतिशत की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह कुल ₹31 करोड़ 16 लाख 25 हजार है।
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पार्षद निधि: तीनों श्रेणियों के नगरीय निकायों (निगम, पालिका और पंचायत) के पार्षदों के लिए कुल ₹73 करोड़ 38 लाख की राशि जारी की गई है।
मुख्य उद्देश्य: इस भारी-भरकम राशि का उपयोग वार्डों और नगरों में सड़क, बिजली, पानी, सफाई और अन्य जरूरी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।








