छतरपुर/जकार्ता, 28 जून। अयोध्या स्थित भव्य राम मंदिर के दानपात्र से हुई चोरी के मामले में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पहली बार खुलकर अपनी बात रखी है। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एक धार्मिक कथा के दौरान बाबा बागेश्वर इस घटना पर काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इसे महज पैसों की चोरी नहीं, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों की आस्था पर एक बड़ा प्रहार बताया है।
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करोड़ों श्रद्धालुओं की श्रद्धा लूटी गई
कथा के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा:
“त्रेतायुग में रावण ने माता जानकी का हरण किया था, लेकिन आज राम मंदिर के दानपात्र से चोरी करके करोड़ों लोगों की श्रद्धा और विश्वास को लूटा गया है। रावण आज भी हमारे बीच मौजूद है, बस उसका स्वरूप बदल गया है। इस महापाप के दोषियों को भगवान का महादंड अवश्य मिलेगा।”
चुप रहने की मजबूरी और सुरक्षा का डर
अपनी चुप्पी पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने हल्के व्यंग्य और दर्द के साथ कहा कि लोग हर बात पर सवाल उठाते हैं। कुछ बोलो तो भी दिक्कत है और चुप रहो तो लोग कहते हैं कि बाबा गूंगे हो गए।
अपनी प्रसिद्ध ‘पर्ची’ परंपरा का जिक्र करते हुए उन्होंने एक बड़ा बयान दिया:
“अब लोग यह भी कहेंगे कि बयान तो दे दिया, लेकिन अपनी पर्ची खोलकर चोरों का नाम क्यों नहीं बताया? अगर मैंने पर्ची खोलकर दोषियों का नाम बता दिया, तो लोग हमें ही निपटा देंगे। आज नहीं तो कल निपटा देंगे।”
चर्चाओं का बाजार गर्म
धीरेंद्र शास्त्री के इस बयान के बाद ‘हमें निपटा देंगे’ वाली टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। हालांकि, उन्होंने अपने पूरे बयान में किसी भी व्यक्ति, संगठन या समूह का नाम नहीं लिया और न ही यह साफ किया कि उनका इशारा किसकी तरफ था।
फिलहाल, पंडित धीरेंद्र शास्त्री जकार्ता में हैं और वहां रामकथा कह रहे हैं, जबकि दूसरी ओर अयोध्या पुलिस और जांच एजेंसियां राम मंदिर में हुई इस चोरी के मामले की तफ्तीश में जुटी हुई हैं।
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