मध्य प्रदेश की राजनीति इन दिनों ‘नामकरण संस्कार’ के दौर से गुजर रही है। महंगाई, विकास और बेरोजगारी तो चलते रहेंगे, लेकिन नेताओं ने एक-दूसरे के नए नाम रखने का जो बीड़ा उठाया है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है। ताजा मामला शुजालपुर का है, जहाँ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस के ‘कप्तान’ जीतू पटवारी की गुगली पर ऐसा छक्का मारा कि गेंद सीधे बाउंड्री पार चली गई… पढ़े पूरी खबर
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भोपाल 1 जून : मध्य प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है। शाजापुर जिले के शुजालपुर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। पटवारी द्वारा खुद को ‘मोहन लाल अभिनंदन यादव’ कहे जाने पर पलटवार करते हुए सीएम ने कहा, “हां, हम तो अभिनंदन लाल हैं, लेकिन तुम टपोरी लाल हो।”
‘जिसका प्रत्याशी मैदान छोड़कर भाग जाए, वो कैसा अध्यक्ष’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस की गुटबाजी और मौजूदा स्थिति पर चुटकी लेते हुए कहा कि प्रदेश में विकास की बयार चल रही है, लेकिन कांग्रेस सिर्फ विरोध करना जानती है। जीतू पटवारी को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा:
“मैंने ऐसा प्रदेशाध्यक्ष आज तक नहीं देखा, जिसके कार्यकाल में इंदौर लोकसभा सीट का उम्मीदवार ही चुनाव मैदान छोड़कर भाग जाए। कांग्रेस को आज प्रत्याशी तक नहीं मिल रहे हैं। जो नेता खुद अपनी विधानसभा सीट नहीं बचा पाया और 40 हजार वोटों से हार गया, वो आज प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना बैठा है।”
सीएम ने आगे जोड़ा कि कांग्रेस आज अपने ही कर्मों का फल भुगत रही है, जिसके कारण उसका जनाधार लगातार सिमटता जा रहा है।
जीतू पटवारी का पलटवार: ‘क्या किसान का बेटा आपके लिए दो कौड़ी का है?’
सीएम मोहन यादव के इस तीखे बयान पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी सोशल मीडिया के जरिए मोर्चा खोला। पटवारी ने भावुक कार्ड खेलते हुए लिखा:
“मुख्यमंत्री जी, आपने मुझे रद्दी कहा, दो कौड़ी का कहा और गालियां भी दीं। तो क्या एक किसान का बेटा आपके लिए रद्दी और दो कौड़ी का है? चुनाव तो पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी जी भी हारे थे, तो क्या ये शब्द उनके लिए भी लागू होते हैं?”
क्या था मामला? (क्यों शुरू हुआ विवाद)
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब सतना में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम के दौरान जीतू पटवारी ने मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव पर तंज कसा था। उन्होंने जनता से तालियां बजवाते हुए सीएम को ‘मोहन लाल अभिनंदन यादव’ कहकर संबोधित किया था, जिसके जवाब में अब सीएम ने ‘टपोरी लाल’ वाला बयान दिया है।
कमलनाथ भी कूदे विवाद में, कहा- ‘पद के अभिमान में मर्यादा न भूलें’
इस पूरे विवाद में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एंट्री ली है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सीएम मोहन यादव को नसीहत देते हुए लिखा कि पद के अभिमान में भाषा की मर्यादा नहीं भूलनी चाहिए। कमलनाथ ने कहा, “आपने कांग्रेस नेतृत्व के बारे में अत्यंत अशोभनीय बातें कही हैं। भाजपा सरकारें मेडिकल कॉलेजों के लिए नहीं, बल्कि व्यापम और नर्सिंग घोटालों के लिए कुख्यात रही हैं।”







