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छत्तीसगढ़ के मरवाही में दिखा दुर्लभ सफेद भालू, हमले से ग्रामीणों में दहशत; वन विभाग अलर्ट

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White Bear Chhattisgarh :  गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 19 मई। छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक बेहद दुर्लभ ‘एल्बिनो’ (सफेद) भालू दिखाई देने से इलाके में सनसनी फैल गई है। काले भालुओं के झुंड के बीच अचानक इस सफेद भालू को देखकर जहाँ ग्रामीण हैरान हैं, वहीं इसके द्वारा किए गए एक हमले के बाद से स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

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आमादांड के जंगलों में हमला, एक घायल

मिली जानकारी के अनुसार, यह दुर्लभ सफेद भालू आमादांड गांव के जंगलों में देखा गया। यहाँ भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में लल्लू के हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। घायल को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ फिलहाल उसका इलाज जारी है।

क्या कहते हैं वन्यजीव विशेषज्ञ?

वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह भालू किसी अलग प्रजाति का नहीं है। विज्ञान की भाषा में इस स्थिति को “एल्बिनिज्म” (Albinism) कहा जाता है। यह जीन में होने वाले परिवर्तन (Genetic Mutation) के कारण होता है, जिससे शरीर में मेलानिन नहीं बन पाता और भालू का रंग काले की बजाय पूरी तरह सफेद दिखाई देता है।

वन विभाग अलर्ट मोड पर: इस घटना के बाद से छत्तीसगढ़ वन विभाग (Chhattisgarh Forest Department) पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। ग्रामीणों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ा दी गई है।

मरवाही और छत्तीसगढ़ का पुराना इतिहास

दिलचस्प बात यह है कि मरवाही के जंगलों में सफेद भालू दिखने का यह पहला मामला नहीं है:

  • 40 साल पुराना इतिहास: करीब 40 साल पहले भी मरवाही के जंगलों में एक सफेद भालू पाया गया था। बाद में ‘कमली’ नाम के इस भालू को भोपाल भेज दिया गया था।

  • 1999 में दिखा था सफेद कौवा: छत्तीसगढ़ में इस तरह का अनुवांशिक बदलाव पहले भी देखा गया है। साल 1999 में कोरबा में एक दुर्लभ सफेद रंग का कौवा पाया गया था। यह कौवा तत्कालीन मध्य प्रदेश राज्य परिवहन निगम के डिपो में कई दिनों तक देखा जाता था। (बता दें कि वर्तमान में इसी डिपो के स्थान पर जिला एवं सत्र न्यायालय भवन और डिपो मैनेजर के ऑफिस की जगह जिला अधिवक्ता संघ का बार रूम संचालित है)।

वन विभाग ने स्थानीय लोगों को अकेले जंगलों में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है।

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