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अबूझमाड़ के ‘पाताल’ से निकला नक्सलियों का बारूद: BSF ने ध्वस्त किया हथियारों का जखीरा

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जगदलपुर 9 मई | 

छत्तीसगढ़ का वह इलाका जिसे ‘अबूझ’ (अनसुलझा) कहा जाता है, वहाँ आज सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी साजिश को सुलझा दिया है। नारायणपुर जिले के घने जंगलों में BSF के जवानों ने एक सर्जिकल स्ट्राइक जैसी मुस्तैदी दिखाते हुए नक्सलियों के उस गुप्त ठिकाने को खोज निकाला, जहाँ मौत का सामान जमा किया गया था।

कैसे मिली कामयाबी?

कोहकामेटा थाना क्षेत्र के टोके ऊपरपारा के जंगलों में जब सूरज की किरणें भी मुश्किल से पहुँचती हैं, वहाँ BSF के जवान सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। खुफिया इनपुट के आधार पर की गई इस ‘कॉम्बिंग’ ने नक्सलियों के पैरों तले जमीन खिसका दी। जमीन के भीतर और झाड़ियों के पीछे छिपाकर रखा गया एक विशाल हथियार डंप अब सुरक्षा बलों के कब्जे में है।

बरामदगी की लिस्ट: जो दहला सकती थी इलाका

जवानों ने मौके से जो सामान बरामद किया है, वह किसी बड़ी हिंसक वारदात की तैयारी की ओर इशारा करता है:

  • हथियार: 315 बोर की बंदूकें और खतरनाक बीजीएल (BGL)।

  • विस्फोटक: भारी मात्रा में डेटोनेटर और IED (Improvised Explosive Device) बनाने का कच्चा माल।

  • गोला-बारूद: भारी संख्या में जिंदा कारतूस।

अधिकारियों का कहना है: “यह डंप नक्सलियों की रीढ़ तोड़ने जैसा है। अबूझमाड़ जैसे दुर्गम इलाके में इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक मिलना बताता है कि सुरक्षा बल अब नक्सलियों के गढ़ में घुसकर प्रहार कर रहे हैं।”

सर्च ऑपरेशन अभी थमा नहीं है

इलाके की संवेदनशीलता को देखते हुए जवानों ने घेराबंदी कम नहीं की है। चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है ताकि जंगलों में छिपे अन्य संभावित ठिकानों का भी पर्दाफाश किया जा सके। नक्सलियों के लिए यह एक बड़ा झटका है, क्योंकि उन्होंने यह सामग्री किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए संजोई थी।

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