Latest News
छत्तीसगढ़ का सियासी पारा हाई: एक ही कार में सवार दिखे राहुल गांधी,सचिन पायलट और भूपेश बघेल; स्वागत में भारी धक्का-मुक्की राहुल गांधी का छत्तीसगढ़ दौरा: अभनपुर प्रशिक्षण शिविर में जिला अध्यक्षों को देंगे ‘पावर’, संगठन विकेंद्रीकरण पर बड़ा मंथन ## NEET UG 2026: लखनऊ में अनोखा नजारा, डॉक्टर बनने का सपना लेकर परीक्षा देने पहुंचे 69 साल के ‘युवा’ अभ्यर्थी उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में निहंगों का कब्जा बरकरार, चमोली में धारा 144 लागू और इंटरनेट बंद बिहार: CM सम्राट चौधरी को अपशब्द और पुलिस को ‘विकास दुबे’ जैसा अंजाम भुगतने की धमकी, वैशाली का सर्वेश चौधरी रडार पर 🌾 PM-किसान योजना: प्रधानमंत्री मोदी ने जारी की 23वीं किस्त, छत्तीसगढ़ के 24 लाख किसानों को मिले ₹490 करोड़
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2026: जमीन विवादों का निपटारा अब होगा आसान

छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम 2026: जमीन विवादों का निपटारा अब होगा आसान

Share:

रायपु 2 मई 2026 र: छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश के किसानों और आम जनता को बड़ी राहत देते हुए छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) अधिनियम, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक फैसले से वर्षों पुरानी जटिल कानूनी प्रक्रिया अब सरल और सुगम हो जाएगी।


प्रमुख बदलाव और उनके लाभ:

  • कलेक्टर कोर्ट में सीधी अपील: अब एसडीएम (SDM) स्तर पर विवाद न सुलझने पर सीधे जिला कलेक्टर के पास अपील की जा सकेगी। पहले इसके लिए संभागीय कमिश्नर कार्यालय जाना पड़ता था।

  • समय और धन की बचत: ग्रामीणों और किसानों को अब संभाग मुख्यालयों (जो अक्सर 30-50 किमी दूर होते थे) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। प्रक्रिया जिले के भीतर ही पूरी होने से परिवहन और कानूनी खर्च कम होगा।

  • समय सीमा तय: नए कानून के तहत जमीन विवादों का निपटारा 30 से 90 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा।

  • जवाबदेही और पारदर्शिता: सुनवाई में अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार होगा।

  • निवेश को बढ़ावा: संशोधित धारा 59 के तहत औद्योगिक भूमि को पुनर्मूल्यांकन से छूट दी गई है, जिससे राज्य में व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।


प्रशासनिक निर्देश:

राज्य शासन ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे नए कानून के आधार पर लंबित मामलों की सूची तैयार करें और त्वरित सुनवाई शुरू करें।

।।m

Leave a Comment

latest news