Home » कोरबा » प्रशासनिक अंधेरगर्दी: तीन महीने पहले दुनिया छोड़ चुके शिक्षक को सौंपी ग्रामसभा की जिम्मेदारी

प्रशासनिक अंधेरगर्दी: तीन महीने पहले दुनिया छोड़ चुके शिक्षक को सौंपी ग्रामसभा की जिम्मेदारी

Share:

पोड़ी उपरोड़ा 21 अप्रैल 2026। प्रशासनिक मशीनरी किस कदर संवेदनहीन और लापरवाह हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण पोड़ी उपरोड़ा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में देखने को मिला है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आगामी विशेष ग्रामसभाओं के लिए जारी ड्यूटी लिस्ट में प्रशासन ने एक ऐसे शिक्षक को ‘प्रभारी अधिकारी’ नियुक्त कर दिया है, जिनकी मृत्यु तीन महीने पहले ही हो चुकी है।

Advt

मृतक शिक्षक को सौंपी कमान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशानुसार 24 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक क्षेत्र में विशेष ग्रामसभाओं का आयोजन होना है। इसके सुचारू संचालन के लिए एसडीएम कार्यालय द्वारा प्रभारियों की सूची जारी की गई। इस सूची के सरल क्रमांक 41 पर प्रदेशी राम प्रजापति का नाम अंकित है।

हैरानी की बात यह है कि पूर्व माध्यमिक शाला जल्के में पदस्थ रहे शिक्षक प्रदेशी राम प्रजापति का निधन 15 जनवरी 2026 को हो चुका है। विभाग ने यह जाने बिना कि उनका कर्मचारी अब इस दुनिया में नहीं है, उन्हें सरकारी आदेश का पालन करने के लिए मैदान में उतार दिया।

सत्यापन के दावों की खुली पोल

यह चूक केवल एक नाम की गलती नहीं है, बल्कि यह दर्शाती है कि सरकारी आदेश कितनी जल्दबाजी और बिना किसी जमीनी सत्यापन के तैयार किए जाते हैं।

  • सवालिया निशान: क्या आदेश जारी करने से पहले स्थापना शाखा या संबंधित विकासखंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी नहीं ली गई?

  • जिम्मेदारी का अभाव: ग्रामसभा में शत-प्रतिशत उपस्थिति और गणपूर्ति सुनिश्चित करने का जिम्मा संभालने वाला प्रशासन खुद अपडेटेड डेटा के अभाव में जूझ रहा है।

क्षेत्र में चर्चा और कार्रवाई की मांग

जैसे ही यह आदेश सार्वजनिक हुआ, स्थानीय स्तर पर प्रशासन का मजाक उड़ना शुरू हो गया है। ग्रामीणों और कर्मचारी संगठनों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि मृतक कर्मचारियों के प्रति भी विभाग का रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार लिपिक और संबंधित अधिकारियों पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।



Leave a Comment