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यात्री सुविधाओं पर कोयला भारी, कोरबा को नई ट्रेनों के लिए अभी और करना होगा इंतजार…

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कोरबा 21 अप्रैल 2026। औद्योगिक नगरी कोरबा के रेल यात्रियों के लिए बिलासपुर रेल मंडल से निराशाजनक खबर आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंडल रेल प्रबंधक (DRM) राकेश रंजन ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरबा से फिलहाल नई यात्री ट्रेनें चलाना या वर्तमान ट्रेनों का विस्तार करना संभव नहीं है। उनके अनुसार, देश के बिजली घरों को कोयला आपूर्ति करना रेलवे की पहली प्राथमिकता है।

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कोयला परिवहन बनाम यात्री सेवा

निरीक्षण के दौरान आयोजित एक बैठक में DRM ने तर्क दिया कि कोरबा देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। यदि यात्री ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाती है, तो कोयले की ढुलाई में बाधा आएगी, जो राष्ट्रीय हित में नहीं होगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि रेल लाइनों पर दबाव इतना अधिक है कि नई ट्रेनों के लिए जगह (Path) उपलब्ध नहीं है।

प्रमुख माँगें हुईं खारिज

रेल संघर्ष समिति ने DRM के समक्ष कई महत्वपूर्ण माँगें रखी थीं, जिन्हें तकनीकी और परिचालन संबंधी कारणों से खारिज कर दिया गया:

  • विस्तार: भोपाल एक्सप्रेस और तिरुपति एक्सप्रेस को कोरबा तक लाने की मांग नामंजूर।

  • हसदेव एक्सप्रेस: इस ट्रेन को दुर्ग तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी तकनीकी कारणों से अटक गया है।

  • नई ट्रेन: कोरबा-दुर्ग के बीच नई ट्रेन की संभावना को भी बिलासपुर खंड में अत्यधिक दबाव बताकर टाल दिया गया।

सीमित अधिकारों का हवाला

बैठक में DRM ने यह भी स्पष्ट किया कि नीतिगत और बड़े फैसले उनके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं और इसके लिए महाप्रबंधक (GM) स्तर पर निर्णय लिए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि स्टेशनों पर आधारभूत संरचना (Infrastructure) का विकास जारी है, जिससे भविष्य में सुविधाएं बेहतर होंगी।

जनता में असंतोष

रेल संघर्ष समिति के सदस्यों—रामकिशन अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अंकित अग्रवाल और रफीक पारेख ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एक औद्योगिक जिला होने के नाते कोरबा को राजस्व तो भरपूर मिलता है, लेकिन यात्री सुविधाओं के मामले में इसे हमेशा नजरअंदाज किया जाता है। ट्रेनों की कमी यहाँ की आम जनता के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है।

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