कोरबा। कटघोरा-अंबिकापुर नेशनल हाईवे एक बार फिर निर्दोषों के खून से लाल हो उठा है। बांगो थाना क्षेत्र के मोरगा चौकी अंतर्गत हसदेव पुल के पास हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां उजाड़ दी हैं। इस भीषण टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।
हादसे का खौफनाक मंजर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा हाइवा ट्रक और पिकअप के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर के कारण हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से पूरी तरह पिचक गए। आलम यह था कि हाइवा का चालक स्टीयरिंग और मलबे के बीच ही फंस गया था, जिसे पुलिस और स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला।
बिहार के रहने वाले थे मृतक
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस हादसे में जान गंवाने वाले दोनों व्यक्ति बिहार के निवासी थे। घटना की सूचना मिलते ही मोरगा चौकी प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायल को तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया, वहीं मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।
क्यों बन रहा है ‘मौत का गलियारा’?
यह मार्ग अब स्थानीय लोगों के लिए दहशत का पर्याय बनता जा रहा है। गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले इसी हाईवे पर दो कारों की टक्कर में भी दो लोगों की जान गई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश व्यक्त किया है।
हादसों के मुख्य कारण:
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अनियंत्रित रफ्तार: भारी वाहनों की बेलगाम गति।
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निगरानी का अभाव: हाईवे पर ट्रैफिक नियमों की भारी अनदेखी।
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विफल जागरूकता अभियान: पुलिस के सड़क सुरक्षा कार्यक्रम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।








