रायपुर, छत्तीसगढ़ 14 जनवरी 2026। छत्तीसगढ़ के श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने बुधवार को श्रम विभाग की दो वर्षों की उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए न केवल आर्थिक सहायता दे रही है, बल्कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और उच्च शिक्षा योजनाओं के जरिए उनके भविष्य को संवारने की तैयारी में है।
डीबीटी से सीधे खातों में पहुंचे 804 करोड़ रुपये
मंत्री देवांगन ने बताया कि विभाग की 71 योजनाओं के माध्यम से पिछले दो वर्षों में 29.55 लाख श्रमिकों को कुल 804.77 करोड़ रुपये की सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में (DBT) ट्रांसफर की गई है। विभाग ने इस अवधि में 11.40 लाख नए श्रमिकों का पंजीयन भी किया है।
ईएसआई नेटवर्क का विस्तार और मॉडल औषधालय
स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करते हुए मंत्री ने घोषणा की कि बिलासपुर में 100 बिस्तरों वाले नए ईएसआई अस्पताल की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा रायगढ़, कुम्हारी और बीरगांव के औषधालयों को ‘मॉडल औषधालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य में बीमित कामगारों की संख्या भी 4.60 लाख से बढ़कर 6.26 लाख हो गई है।
आगामी कार्ययोजना: बच्चों के लिए ‘अटल कैरियर निर्माण योजना’
भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि:
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शिक्षा: पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘अटल कैरियर निर्माण योजना’ शुरू की जाएगी।
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भोजन: ‘शहीद वीरनारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ का विस्तार अब सभी जिलों में किया जाएगा।
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तकनीक: शिकायतों के निवारण के लिए AI आधारित एजेंटी प्रणाली शुरू होगी, जिससे श्रमिक घर बैठे अपनी समस्याओं का स्टेटस जान सकेंगे।
कानूनों में बदलाव: महिलाओं और छोटे व्यापारियों को राहत
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महिला सशक्तिकरण के तहत अब महिलाओं को रात्रि पाली में सशर्त कार्य करने की अनुमति दी गई है।
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छोटे व्यापारियों को राहत देते हुए दुकान एवं स्थापना अधिनियम के दायरे में बदलाव किया गया है। अब यह 10 या उससे अधिक श्रमिक वाले संस्थानों पर लागू है, जिसे बढ़ाकर 20 करने का प्रस्ताव राष्ट्रपति के पास भेजा गया है।
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कारखाना लाइसेंस की वैधता अब 10 से बढ़ाकर 15 वर्ष कर दी गई है।
“हमारी सरकार पारदर्शी व्यवस्था और तकनीक के माध्यम से अंतिम पंक्ति के श्रमिक तक लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रमिकों को नियुक्ति पत्र और सामाजिक सुरक्षा का कानूनी अधिकार मिलेगा।” — लखनलाल देवांगन, श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़








