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तंत्र-मंत्र से जोड़ी जा रही असरफ सहित तीन मौत की डोर, मगर कोरबा में किसी को नहीं हो रहा विश्वास..IG डॉ संजीव शुक्ला ने घटनास्थल का किया निरीक्षण 

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फार्म हाउस के कमरे में मौत का क्रम..

कोरबा छत्तीसगढ़ 11 दिसंबर: कोरबा के स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन सहित तीन लोगों की एक कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने शहर में सनसनी फैला दी है। भले ही इस घटना के तार तंत्र-मंत्र से जोड़े जा रहे हैं, लेकिन जो लोग अशरफ को करीब से जानते हैं, उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा कि वह ऐसे जाल में फंसा होगा। हालांकि, उसमें यह जानने की जिज्ञासा ज़रूर रहती थी कि क्या ऐसा कुछ होता भी है। घटनाक्रम में किसी साजिश की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

पुलिस इस मामले की गहराई से तहकीकात कर रही है। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला ने भी कोरबा आकर घटनास्थल (फार्म हाउस) का निरीक्षण किया और जांच के संबंध में एसपी सिद्धार्थ तिवारी को आवश्यक मार्गदर्शन दिए।

फार्म हाउस के कमरे में मौत का क्रम

शहर से लगे बरबसपुर के कुदरी स्थित अशरफ मेमन के फार्म हाउस के कमरे में बुधवार की शाम से रात 10 बजे तक ऐसा क्या हुआ कि बैगा की मौजूदगी में एक-एक कर तीन लोगों की मौत हो गई?

  • कौन आया था? झरन विधि करने के लिए बिलासपुर जिले से राजेंद्र नामक बैगा अपने चार साथियों और एक वृद्ध के साथ कोरबा आया था।

  • क्रिया का क्रम: कमरे के भीतर बैगा अपनी तंत्र क्रिया कर रहा था। उसने एक-एक करके दुर्ग से आए कारोबारी नीतीश, फिर सुरेश, और अंत में अशरफ को 10-10 मिनट के अंतराल पर भीतर बुलाया।

  • विलंब और मौत: जब काफी देर तक कोई बाहर नहीं निकला, तो बाहर मौजूद बैगा के साथियों ने सवाल-जवाब किया। बैगा ने उन्हें लगातार टाला और अस्पताल ले जाने की बात भी नहीं मानी। शाम 7 बजे तीनों बेहोशी की हालत में पाए गए, लेकिन बैगा कहता रहा कि मंत्र फूंका है। रात 10 बजे के बाद जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया, तब तक देर हो चुकी थी।

रस्सी और नींबू का इस्तेमाल: गला घोंटने का संदेह

सूत्रों के अनुसार, झरन विधि के दौरान नींबू और नायलॉन की रस्सी का इस्तेमाल किया गया। पीड़ितों को यह झांसा दिया गया कि गले में नींबू फंसाकर नायलॉन की रस्सी से जितना ज्यादा खींचेंगे, उतना ज्यादा पैसा आएगा।

  • प्रथम दृष्टया आशंका: माना जा रहा है कि इसी विधि के दौरान सांस की नली टूट जाने से जान चली गई।

  • जांच का विषय: सवाल यह है कि यदि एक व्यक्ति बेहोश हो गया था, तो बाद में बुलाए गए दूसरे और तीसरे व्यक्ति ने इस स्थिति को नज़रअंदाज़ क्यों किया?

साजिश और रंजिश का एंगल: विषाक्त पदार्थ का संदेह

चर्चाओं में यह संभावना भी जताई जा रही है कि यह किसी अनजान साजिश का हिस्सा था।

  • विषाक्त पदार्थ: संदेह है कि उन्हें पीने के लिए कोई पदार्थ दिया गया हो, जिसका सेवन बैगा ने नहीं किया, इसलिए वह सुरक्षित रहा।

  • पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने संदेह के आधार पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया है और आपसी रंजिश को भी जांच का एक एंगल बनाया है।

मृतक अशरफ मेमन, सुरेश साहू और नीतीश कुमार के परिजनों के साथ-साथ शहरवासी भी उस रहस्य से पर्दा उठने का इंतज़ार कर रहे हैं।

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