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छत्तीसगढ़: साय सरकार में भी ‘दागी’ कांग्रेसी ठेकेदार का जलवा…

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद भी सरकारी विभागों में पुरानी सांठगांठ का खेल बदस्तूर जारी है। ताज़ा मामला आदिम जाति कल्याण और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़ा है, जहाँ धमतरी मूल के एक रसूखदार और विवादित कांग्रेसी ठेकेदार पर अफसरों के साथ मिलकर टेंडर नियमों में हेरफेर करने के गंभीर आरोप लगे हैं। कथित तौर पर “दोषी” उपनाम से चर्चित इस सप्लायर की शिकायत अब सीधे मुख्यमंत्री (मुखिया) तक पहुँच चुकी है, जिसके बाद हड़कंप मच गया है।

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टेंडर की शर्तें खुद तय करता है सप्लायर!

शिकायत के मुताबिक, उक्त सप्लायर और विभागों में बैठे कुछ अफसरों के बीच का गठजोड़ इतना मजबूत है कि टेंडर के नियम, जरूरी सामान की लिस्ट और सप्लाई की समयावधि तक सप्लायर की सहूलियत के हिसाब से तय किए जाते हैं। चर्चा है कि प्रतिस्पर्धा (कंपटीशन) को खत्म करने के लिए सप्लायर अपनी ही कुछ ‘डमी कंपनियाँ’ बाजार में उतार देता है, ताकि तकनीकी रूप से वही ‘L-1’ (सबसे कम बोली लगाने वाला) साबित हो सके।

शराब और DMF घोटाले से जुड़े हैं तार

उल्लेखनीय है कि इस सप्लायर का नाम प्रदेश के बहुचर्चित शराब घोटाले और डीएमएफ (DMF) घोटाले में भी आ चुका है, जिसके चलते आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) इस पर शिकंजा भी कस चुकी है। इसके बावजूद, विभाग के कुछ अफसर कथित तौर पर कमीशनखोरी के चक्कर में इसे संरक्षण दे रहे हैं और गुणवत्ताहीन सामान की सप्लाई को भी हरी झंडी दिखा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि  महिला एवं बाल विकास तथा आदिम जाति कल्याण विभाग में चद्दर, कंबल और गणवेश (यूनिफॉर्म) की सप्लाई में एकाधिकार के बाद, अब इस सप्लायर ने कंस्ट्रक्शन (निर्माण कार्य) के क्षेत्र में भी कदम रख दिया है।

विभागीय मंत्री सख्त, अफसरों की कुंडली तैयार

इस पूरे मामले की भनक जब विभागीय मंत्रियों को लगी, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। एक कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया है कि “कांग्रेस शासनकाल में घोटाले करने वालों को साय सरकार में कतई बख्शा नहीं जाएगा।” मंत्रियों ने इस बात पर भी हैरानी जताई है कि बीजेपी सरकार होने के बावजूद ऐसे दागी प्रोफाइल वाले व्यक्ति को ठेके कैसे मिल रहे हैं?

सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को शिकायत मिलने के बाद अब उन अफसरों की सूची तैयार की जा रही है जो इस ठेकेदार को फायदा पहुँचाने के लिए नियमों को ताक पर रख रहे हैं। जल्द ही दोषी अफसरों और इस सप्लायर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।