Latest News
छत्तीसगढ़ के पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी, रायपुर में जुटे केंद्र और राज्य के शीर्ष अधिकारी सड़कें बनीं तालाब, सत्ता पाते ही भाजपा नेताओं की आंखों पर बंधी पट्टी: भाकपा शोक में डूबा कला जगत: विश्वविख्यात पंडवानी गायिका पद्मविभूषण डॉ. तीजन बाई का निधन, पीएम मोदी और सीएम साय ने जताया गहरा दुख छत्तीसगढ़: साय सरकार में भी ‘दागी’ कांग्रेसी ठेकेदार का जलवा… अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के घर पर चला बुलडोजर: अवैध निर्माण और पार्किंग स्पेस पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 📢 ‘नारेबाज़ी और व्यवधान से कोई नेता नहीं बनता; तथ्य, तर्क और विचार ही नेतृत्व की असली पहचान’ — लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला
Home » छत्तीसगढ़ » छत्तीसगढ़ के पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी, रायपुर में जुटे केंद्र और राज्य के शीर्ष अधिकारी

छत्तीसगढ़ के पर्यटन को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी, रायपुर में जुटे केंद्र और राज्य के शीर्ष अधिकारी

Share:

रायपुर, 5 जुलाई 2026

छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने के लिए एक बड़ी पहल शुरू हुई है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं महानिदेशक (पर्यटन) श्री सुमन बिल्ला के रायपुर आगमन पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया। रायपुर विमानतल पर छत्तीसगढ़ पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारती दासन तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य ने उनकी अगवानी की।

Advt

श्री सुमन बिल्ला आईआईएम (IIM) रायपुर में सुशासन एवं अभिसरण विभाग तथा आईआईएम रायपुर द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘मंत्रिमंडल चिंतन शिविर’ में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होने पहुंचे हैं।

पर्यटन विकास के लिए त्रिस्तरीय रणनीति पर चर्चा

इस दौरान केंद्र और राज्य के शीर्ष अधिकारियों के बीच छत्तीसगढ़ के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने की रणनीतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

चर्चा के दौरान राज्य में पर्यटन की इन प्रमुख संभावनाओं को रेखांकित किया गया:

  • पारिस्थितिकी (इको) एवं वन्यजीव पर्यटन

  • जनजातीय (ट्राइबल) एवं ग्रामीण पर्यटन

  • धार्मिक एवं पुरातात्विक पर्यटन

स्थानीय रोजगार और ‘होम-स्टे’ पर विशेष जोर

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि पर्यटन का ऐसा मॉडल विकसित किया जाए जिससे आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत और प्रकृति का संरक्षण भी हो। इसके लिए निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर कार्ययोजना बनाई जाएगी:

  1. बुनियादी ढांचे का विकास: पर्यटन स्थलों पर अधोसंरचना को मजबूत करना और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार करना।

  2. डिजिटल ब्रांडिंग: देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए प्रभावी डिजिटल प्रचार-प्रसार।

  3. स्थानीय उद्यमिता: गृह-आवास (होम-स्टे) व्यवस्था को बढ़ावा देना, जिससे स्थानीय समुदायों को सीधे रोजगार मिल सके।

  4. संस्कृति का संरक्षण: स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन से जोड़कर जनजातीय संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाना।

चिंतन शिविर में ‘सतत समृद्धि’ पर व्याख्यान

उल्लेखनीय है कि मंत्रिमंडल चिंतन शिविर में श्री सुमन बिल्ला ने “सतत समृद्धि के आधार के रूप में पर्यटन: छत्तीसगढ़ में आजीविका सृजन, संस्कृति का संरक्षण और प्रकृति की सुरक्षा” विषय पर विशेष व्याख्यान दिया। इसके बाद उन्होंने एक इंटरैक्टिव ब्रेनस्टॉर्मिंग सत्र का संचालन भी किया, जिसमें पर्यटन को सुशासन और स्थानीय आजीविका से जोड़ने के व्यावहारिक मॉडल पर चर्चा की गई।

अपेक्षित परिणाम: केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के अधिकतम लाभ और पर्यटन मंत्रालय व राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ का पर्यटन क्षेत्र एक नई दिशा पकड़ेगा। इससे न केवल राज्य की जैव विविधता को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।

📍

Leave a Comment