Indian Railway: इंडियन रेलवे ने राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब यात्रियों को टिकट बुकिंग के दौरान ‘मील्स लेना है या नहीं’ का विकल्प चुनना अनिवार्य होगा।
मुख्य बदलाव और सुविधाएं
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पानी की बोतल मुफ्त:
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी यात्रियों को एक मुफ्त पानी की बोतल दी जाएगी, भले ही उन्होंने ‘नो मील्स’ (खाना नहीं) का विकल्प चुना हो।
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पानी को यात्रियों की मूलभूत आवश्यकता मानकर यह सुविधा दी गई है।
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‘मील्स लेना या न लेना’ अब अनिवार्य विकल्प:
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राजधानी, शताब्दी और वंदे भारत ट्रेनों के लिए टिकट बुकिंग प्रक्रिया में यात्रियों को ‘मील्स लेना या न लेना’ का विकल्प ज़रूर चुनना होगा।
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इस विकल्प को चुने बिना बुकिंग आगे नहीं बढ़ेगी, जिससे यात्री की प्राथमिकता स्पष्ट हो सके।
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शुल्क केवल ‘मील्स’ चुनने पर:
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यदि यात्री टिकट बुक करते समय मील्स का विकल्प चुनते हैं, तभी खाने का शुल्क टिकट के फेयर में जोड़ा जाएगा।
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‘नो मील्स’ (खाना नहीं) चुनने पर, यह राशि टिकट के किराए से घट जाएगी।
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यात्रा के दौरान खाना ऑर्डर करने की सुविधा:
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भले ही शुरुआती बुकिंग में यात्री ने ‘नो मील्स’ चुना हो, उन्हें यात्रा के दौरान भी खाना मंगवाने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
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यह उन यात्रियों के लिए है जिनका प्लान अचानक बदल जाता है।
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भ्रम और स्पष्टीकरण
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‘नो फूड/नो मील्स’ विकल्प मौजूद है:
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सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैली थी कि रेलवे ने ‘नो फूड’ विकल्प हटा दिया है, लेकिन रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह विकल्प अब भी उपलब्ध है।
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कुछ यात्रियों को लगा था कि खाने का विकल्प अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन रेलवे ने साफ किया कि ऐसा नहीं है। यात्री बिना ट्रेन का खाना लिए भी यात्रा कर सकते हैं और मुफ्त पानी की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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याद रखें: कोविड महामारी के बाद रेलवे ने यह निर्णय लिया था कि यात्री टिकट बुकिंग के समय यह तय कर सकते हैं कि उन्हें ट्रेन का खाना चाहिए या नहीं। यह नियम प्रीमियम ट्रेनों में जारी है, लेकिन विकल्प चुनना अनिवार्य कर दिया गया है।








