नई दिल्ली:सुप्रीम कोर्ट ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो की याचिका पर केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख से जवाब मांगा है। याचिका में वांगचुक की तत्काल रिहाई का अनुरोध किया गया है। वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था।
मशहूर वकील सिब्बल और मेहता की दलील
सोनम वांगचुक की पत्नी की तरफ से मशहूर वकील कपिल सिब्बल ने दलीलें रखीं. सिब्बल ने कहा कि किसी भी कम्युनिकेशन का जवाब नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि हम बस गिरफ्तारी का आधार जानना चाहते हैं. सरकार की ओर से एसजी तुषार मेहता ने दलीलें रखीं. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सोनम की पत्नी को हिरासत आदेश जरूर मिलना चाहिए. कोर्ट ने हिरासत आदेश की कॉपी सोनम वांगचुक की पत्नी को देने का आदेश दिया. इसके साथ ही वांगचुक को जोधपुर जेल में मेडिकल सुविधा देने का निर्देश भी दिया.
कोर्ट के निर्देश
<>- सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन को वांगचुक की हिरासत के बारे में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
<>- कोर्ट ने हिरासत से संबंधित दस्तावेज और आदेश की कॉपी याचिकाकर्ता यानी वांगचुक की पत्नी को मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
<>- वांगचुक को जेल में उचित चिकित्सा सुविधा देने का निर्देश दिया गया है।
<>- मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी।
वांगचुक की पत्नी की याचिका में क्या है?
वांगचुक की पत्नी की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि वांगचुक के पाकिस्तान-चीन लिंक का झूठा प्रचार उनके गांधीवादी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश है। याचिका में दावा किया गया है कि वांगचुक हमेशा राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने के लिए काम करते रहे हैं और भारतीय सेना की मदद के लिए ऊंचाई वाले इलाकों में शेल्टर जैसी नई-नई तकनीकें विकसित की हैं।
गीतांजलि अंगमो की 8 मांगें
<1>- हैबियस कॉर्पस जारी कर सोनम वांगचुक को तत्काल सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किया जाए।
<2>- पत्नी को पति से फोन पर और व्यक्तिगत रूप से मिलने की अनुमति दी जाए।
<3>- सोनम वांगचुक को उनकी दवाएं, कपड़े, भोजन और आवश्यक वस्तुएं तुरंत उपलब्ध कराई जाएं।
<4>- गिरफ्तारी आदेश और उससे जुड़े सभी दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट के सामने पेश किए जाएं।
<5>- गिरफ्तारी को गैरकानूनी और असंवैधानिक घोषित किया जाए।
<6>- सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई का आदेश दिया जाए।
<7>- उनकी तात्कालिक मेडिकल जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाए।
<8>- हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स, लद्दाख और उससे जुड़े छात्रों व सदस्यों के उत्पीड़न को रोका जाए।
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