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1.13 करोड़ के निवेश पर 45 करोड़ के नकली नोट का झांसा: रायपुर में करोड़ों की ठगी का बड़ा खुलासा, पुलिस जांच में जुटी

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रायपुर 4 अगस्त  Fraud case : राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाला धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां ठगों ने एक फर्म संचालक को 1.13 करोड़ रुपये के बदले 45 करोड़ रुपये के नकली नोट देने का लालच देकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस अब इस मामले की जांच दो अलग-अलग एंगल से कर रही है—पहला, ठगी का शिकार हुए कारोबारी के पैसे की रिकवरी और दूसरा, बाजार में नकली नोटों को  खपाने वाले किसी बड़े रैकेट की सक्रियता की आशंका।

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ऐसे दिया गया झांसा

एफआईआर के मुताबिक, आरोपी फर्म संचालक उमेश  के संपर्क में आए थे और दावा किया था कि उनके पास भारी मात्रा में नकली करंसी उपलब्ध है। सौदा तय हुआ कि 1.13 करोड़ रुपये नकद देने पर उन्हें 45 करोड़ रुपये के नकली नोट सौंपे जाएंगे।

इस डील को फाइनल करने के लिए रायपुर के अलग-अलग होटलों में कई गुप्त बैठकें हुईं। आरोपियों ने कारोबारी को अपने रसूख और नेटवर्क का झांसा देकर विश्वास में लिया। इसके बाद कुछ राशि रायपुर में ली गई और बाकी रकम के लिए शिकायतकर्ता को महाराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में बुलाया गया।

बहानेबाजी और ठगी का अहसास

रकम हाथ लगने के बाद आरोपियों ने कभी डिलीवरी में देरी, कभी सुरक्षा कारणों तो कभी तकनीकी अड़चनों का हवाला देकर टालमटोल शुरू कर दी। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब न तो नकली नोटों की खेप मिली और न ही नकदी वापस लौटाई गई, तब पीड़ित को अपने साथ हुई बड़ी ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने तुरंत तेलीबांधा थाने में पहुंचकर आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई और जांच के दायरे

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बेहद संजीदगी से इसकी तह तक जाने में जुटी है। जांच एजेंसियां निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर पड़ताल कर रही हैं:

  • होटल और सीसीटीवी फुटेज: रायपुर के उन होटलों के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं जहाँ बैठकें हुईं।

  • तकनीकी साक्ष्य: आरोपियों और पीड़ित के बीच हुए मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDRs) की जांच की जा रही है।

  • वित्तीय लेन-देन: बैंक खातों और नकद लेन-देन के साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।

  • महाराष्ट्र कनेक्शन: महाराष्ट्र में हुई मुलाकातों और वहां के संपर्कों की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

यदि जांच के दौरान नकली करंसी रैकेट से जुड़े पुख्ता सबूत मिलते हैं, तो यह मामला केवल धोखाधड़ी से आगे बढ़कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय या अंतर-राज्यीय फर्जी नोट नेटवर्क के खुलासे में बदल सकता है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।