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छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के लिए बड़ी पहल: 11 हजार युवाओं को स्वरोजगार के लिए मिलेगा ऋण

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कौशल प्रशिक्षण के साथ सफल उद्यमी बनेंगे दिव्यांग, निगम अध्यक्ष लोकेश कवाड़िया ने बैंकों के साथ की समीक्षा बैठक

रायपुर, 4 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। ‘छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम’ ने राज्य के 11 हजार दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। ऋण के साथ-साथ हितग्राहियों को कौशल विकास प्रशिक्षण, उद्यमिता मार्गदर्शन और विपणन (मार्केटिंग) सहयोग भी दिया जाएगा।

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निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कवाड़िया ने राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम (NDFDC) से अधिकृत विभिन्न सरकारी और निजी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

सिर्फ सहायता नहीं, सफल उद्यमी बनाना है लक्ष्य: लोकेश कवाड़िया

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष श्री कवाड़िया ने कहा:

“राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाकर प्रदेश की विकास यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाना है। स्वरोजगार से दिव्यांगजन आत्मसम्मान के साथ आजीविका कमा सकेंगे।”

योजना की मुख्य बातें और रणनीति:

  • अनिवार्य कौशल प्रशिक्षण: ऋण प्राप्त करने वाले हर हितग्राही के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण अनिवार्य होगा। निगम के प्रशिक्षण केंद्रों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन और व्यवसाय संचालन सिखाया जाएगा।

  • इन व्यवसायों पर रहेगा फोकस: दिव्यांग उद्यमियों को लॉन्ड्री, किराना, रेडीमेड वस्त्र, जूते-चप्पल और दैनिक उपयोग की वस्तुओं जैसे व्यावहारिक और मुनाफे वाले बिजनेस स्थापित करने में मदद की जाएगी।

  • मार्केटिंग और परामर्श सहयोग: प्रतिष्ठित व्यावसायिक संस्थानों के साथ समन्वय कर दिव्यांगों को नियमित मार्गदर्शन और उनके उत्पादों के लिए बाजार (विपणन सहायता) उपलब्ध कराया जाएगा।

बैंकों का मिलेगा पूरा साथ, सिंगल विंडो से होगी मॉनिटरिंग

बैठक में शामिल NDFDC के मुख्य महाप्रबंधक ने भरोसा दिलाया कि सभी व्यावहारिक परियोजनाओं को पूरा वित्तीय सहयोग दिया जाएगा। बैंकों द्वारा ऋण वितरण के बाद NDFDC पुनर्वित्त (रिफाइनेंस) की सुविधा देगा।

प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लिए गए अहम फैसले:

  1. समग्र डेटाबेस: पारदर्शिता और प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए सभी ऋण प्रकरण छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के माध्यम से ही संचालित होंगे।

  2. प्रक्रिया होगी सरल: बैंक प्रतिनिधियों ने ऋण वितरण प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने का सुझाव दिया।

बैठक में शामिल प्रमुख बैंक:

बैठक में बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक सहित कई प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि और निगम के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस नई पहल से छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को एक नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

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