कोरबा, 03 मई: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। शहर के एक निजी चाइल्ड केयर अस्पताल जिसका संचालन डॉ हरीश नायक द्वारा किया जाता है में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ऑक्सीजन सप्लाई सिस्टम से जुड़ा एक सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। विस्फोट इतना भीषण था कि अस्पताल परिसर में आग लग गई, जिससे वहां भर्ती बच्चों के परिजनों में दहशत फैल गई।
सतर्कता से टला बड़ा हादसा
घटना के वक्त अस्पताल में 19 बच्चे भर्ती थे, जिनमें से कई ऑक्सीजन सपोर्ट पर थे। धमाके के तुरंत बाद अस्पताल कर्मियों ने सूझबूझ का परिचय दिया और फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग करते हुए आग पर काबू पा लिया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी बच्चे या स्टाफ को चोट नहीं आई है।
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
विस्फोट के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है, लेकिन इसे तकनीकी खराबी या लापरवाही से जोड़कर देखा जा रहा है। इस घटना ने संवेदनशील संस्थानों, विशेषकर बच्चों के अस्पतालों में सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि:
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अस्पतालों के सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच हो।
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फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए।
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दोषी पाए जाने पर प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल स्थानीय प्रशासन मामले की जांच कर सकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।








