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सुशासन तिहार: जब मुख्यमंत्री ने नन्हीं मानविका को पहनाया अपना चश्मा, बच्ची बोली- “मुझे डॉक्टर बनना है”

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रायपुर/जशपुर, 03 मई 2026

जशपुर जिले के ग्राम भैंसामुड़ा में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ का नजारा उस वक्त बेहद भावुक और खास हो गया, जब सत्ता की व्यस्तताओं के बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का एक बेहद मानवीय और संवेदनशील रूप सामने आया। प्रोटोकॉल की परवाह किए बिना मुख्यमंत्री ने एक 4 वर्षीय बच्ची के सपनों को जो दुलार दिया, वह पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया है।


💖 मासूमियत और नेतृत्व का अनूठा मिलन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर भीड़ में खड़ी नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी। वे खुद को रोक नहीं पाए और सहज भाव से उसके पास जाकर उसे अपनी गोद में उठा लिया। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार वहां मौजूद ग्रामीणों के लिए कौतूहल और खुशी का विषय बन गया।

मुख्यमंत्री ने जब बड़े प्यार से मानविका से उसकी पसंद और भविष्य के बारे में पूछा, तो बच्ची ने अपनी तोतली आवाज में बड़ी मासूमियत से जवाब दिया— “मुझे डॉक्टर बनना है।” मासूम के इस बड़े सपने को सुनकर मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान तैर गई और उन्होंने उसे उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।


👓 मुख्यमंत्री ने पहनाया अपना चश्मा, बढ़ाया हौसला

स्नेह और आत्मीयता के इसी क्रम में एक दिलचस्प नजारा तब दिखा जब मुख्यमंत्री श्री साय ने अपना चश्मा निकालकर बड़े ही दुलार से नन्हीं मानविका को पहना दिया। मुख्यमंत्री का यह अंदाज न केवल बच्ची के लिए रोमांचक था, बल्कि इसने यह संदेश भी दिया कि एक संवेदनशील नेतृत्व किस तरह नई पीढ़ी के सपनों के साथ जुड़ता है।


👨‍👩‍👧 परिवार के लिए यादगार बना पल

मानविका की मां, श्रीमती दीपांजलि चौहान ने भावुक होते हुए बताया कि उनकी बेटी कई दिनों से मुख्यमंत्री से मिलने की जिद कर रही थी। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी का यह सरल और सहज स्वभाव हमारे परिवार के लिए उम्र भर की याद बन गया है। एक प्रदेश का मुखिया जब एक नन्हीं बच्ची को इतना समय और प्यार देता है, तो विश्वास बढ़ जाता है कि हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।”


🛡️ शासन में संवेदना का समावेश

यह प्रसंग केवल एक छोटी सी मुलाकात नहीं है, बल्कि ‘सुशासन’ की उस परिभाषा को चरितार्थ करता है जहां शासन केवल फाइलों और योजनाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आमजन के सुख-दुख और उनके बच्चों की आकांक्षाओं से सीधे जुड़ता है। मुख्यमंत्री श्री साय का यह ‘ह्यूमन टच’ भैंसामुड़ा के सुशासन तिहार की सबसे बड़ी उपलब्धि बनकर उभरा।

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