जशपुर 3 मई 2026। जशपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम चंदागढ़ में रविवार को ‘सुशासन तिहार’ के दौरान एक बेहद आत्मीय और प्रेरक दृश्य देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रोटोकॉल और औपचारिकताएं किनारे रख, गांव की एक छोटी सी किराना दुकान पर पहुंचकर सबको चौंका दिया। यह दुकान किसी और की नहीं, बल्कि संघर्ष से सफलता की इबारत लिखने वाली ‘लखपति दीदी’ सुमिला कोरवा की है।

🌸 भावुक स्वागत और आत्मीय संवाद
जैसे ही मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर चंदागढ़ में उतरा, वे सीधे पास ही स्थित सुमिला की दुकान पर जा पहुंचे। सूबे के मुखिया को अपनी दहलीज पर देख सुमिला की आंखें भर आईं। उन्होंने पारंपरिक रीति से लौंग-इलायची खिलाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने एक अभिभावक की तरह सुमिला से उनकी दुकान और परिवार के बारे में चर्चा की।
💳 मुद्रा योजना से बदली तकदीर
बातचीत के दौरान सुमिला ने बताया कि उनकी आत्मनिर्भरता की कहानी मुद्रा योजना से शुरू हुई।
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ऋण और शुरुआत: सुमिला ने एक लाख रुपए का ऋण लेकर इस किराना दुकान की नींव रखी थी।
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आधुनिक सुविधाएं: आज उनकी दुकान में न केवल राशन मिलता है, बल्कि उन्होंने गांव वालों की सुविधा के लिए फोटो कॉपी मशीन और फ्रिज भी रखा है।
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मेहनत का सम्मान: मुख्यमंत्री ने दुकान से फलाहारी चिवड़ा और ठंडा पानी खरीदा। जब सुमिला ने पैसे लेने से इनकार किया, तो मुख्यमंत्री ने सादगी से कहा— “यह आपकी मेहनत की कमाई है, इसे जरूर रखिए।” उन्होंने अपने पर्स से निकालकर सामान का भुगतान किया।
👩मल्टीटास्किंग ‘लखपति दीदी’ की सफलता
सुमिला की कहानी केवल दुकान तक सीमित नहीं है। वे एक कुशल गृहणी और किसान भी हैं:
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शिक्षा को प्राथमिकता: उनकी बेटी प्रियंका, जो कसाबेल के कन्या स्कूल में प्रथम आई है, छुट्टियों में मां का हाथ बंटाती है।
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विविध आय: परिवार के पास अब अपना ट्रैक्टर और चारपहिया वाहन भी है, जिसे वे किराए पर देकर अतिरिक्त आय अर्जित करते हैं।
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प्रेरणापुंज: पहले सिर्फ खेती तक सीमित रहने वाली सुमिला आज पूरे क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिसाल बन गई हैं।
✨ “अब बनेंगी करोड़पति दीदी”
मुख्यमंत्री श्री साय सुमिला के जज्बे से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए कहा— “आपने अपनी मेहनत से ‘लखपति दीदी’ का मुकाम पाया है, आने वाले समय में आप ‘करोड़पति दीदी’ भी बनेंगी।”
मुख्यमंत्री का यह सहज व्यवहार सुशासन तिहार के उस विजन को दर्शाता है, जहां सत्ता और जनता के बीच की दूरियां खत्म होती हैं। वनांचल की एक महिला उद्यमी के प्रति मुख्यमंत्री का यह सम्मान पूरे प्रदेश की महिलाओं को सशक्त होने का संदेश दे गया।
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