The Khatiya khadi news छत्तीसगढ़ दुर्ग: दुर्ग जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और मानकों से समझौता करने वाले निजी अस्पतालों पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी (अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार) के मार्गदर्शन में नर्सिंग होम अधिनियम और आयुष्मान योजना के नियमों का उल्लंघन करने वाले 05 निजी अस्पतालों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
निरीक्षण और नोटिस की प्रक्रिया
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (आयुष्मान भारत) के तहत एम्पेनल्ड अस्पतालों की जांच के लिए चार विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने जिले के 124 निजी अस्पतालों का भौतिक सत्यापन किया।
पहली जांच: 124 में से 48 अस्पतालों में मानक स्तर की कमियां पाई गईं।
कारण बताओ नोटिस: इन 48 अस्पतालों को ‘छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी अनुज्ञापन अधिनियम 2010’ के तहत 30 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी किया गया।
पुनः निरीक्षण: सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी ने बताया कि अस्पतालों द्वारा दिए गए जवाबों की जांच के बाद टीम ने दोबारा निरीक्षण किया।
इन 5 अस्पतालों पर गिरी गाज
दोबारा किए गए निरीक्षण में 5 अस्पतालों में मानकों का गंभीर उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद उनका पंजीयन रद्द कर दिया गया:
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दाउजी मेमोरियल हॉस्पिटल – जामगाँव आर, पाटन
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प्राची हॉस्पिटल – पुलगाँव
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जीवन ज्योति हॉस्पिटल – वार्ड नं. 05, जामुल, भिलाई
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आई.एम.आई. हॉस्पिटल – न्यू खुर्सीपार, भिलाई
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आर्शीवाद नर्सिंग होम – जी.ई. रोड, भिलाई
प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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