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सदन में ‘सत्ता’ और ‘सरोकार’ का मिलन: जब विधायक पत्नी ने मुख्यमंत्री पति से पूछे जनहित के सवाल

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सदन में ‘सत्ता’ और ‘सरोकार’ का मिलन: जब विधायक पत्नी ने मुख्यमंत्री पति से पूछे जनहित के सवाल

शिलॉन्ग: मेघालय विधानसभा के भीतर हाल ही में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो लोकतंत्र की मजबूती और गरिमा की मिसाल बन गया है। सदन में ‘प्रश्नकाल’ के दौरान जब गाम्बेग्रे निर्वाचन क्षेत्र की नवनिर्वाचित विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा खड़ी हुईं, तो सामने जवाब देने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और उनके पति कोनराड संगमा मौजूद थे।

रिश्ता निजी, कर्तव्य सार्वजनिक

आमतौर पर राजनीति में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखी जाती है, लेकिन यहाँ नजारा अलग था। एक पत्नी ने विधायक के तौर पर अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी मुस्कुराहट के साथ, लेकिन पूरी तरह पेशेवर अंदाज में तथ्यों के साथ उन सवालों के जवाब दिए।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

सदन की कार्यवाही का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि कैसे दोनों ने अपने निजी रिश्ते को संवैधानिक दायित्वों के बीच आड़े नहीं आने दिया। वीडियो में सदन के अन्य सदस्य भी इस हल्के-फुल्के लेकिन गंभीर संवाद का आनंद लेते दिखे।

क्यों खास है यह घटना?

  • मर्यादा का पालन: दोनों ने सदन के प्रोटोकॉल और गरिमा को पूरी तरह बनाए रखा।

  • पारदर्शिता: मुख्यमंत्री ने बिना किसी पक्षपात के एक लोक प्रतिनिधि के तौर पर अपनी पत्नी को उत्तर दिए।

  • महिला सशक्तिकरण: यह राजनीति में महिलाओं की सक्रिय और स्वतंत्र भागीदारी का सशक्त उदाहरण है।

यह घटना यह संदेश देती है कि जब बात जनता के मुद्दों की हो, तो पारिवारिक रिश्ते गौण हो जाते हैं और ‘संवैधानिक धर्म’ ही सर्वोपरि होता है।

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