Latest News
छत्तीसगढ़ में अनोखा मामला: DEO ने थाना प्रभारी को थमाया नोटिस, 7 साल तक जेल में बंद रहा शिक्षक और विभाग को भनक तक नहीं लगी! 4 करोड़ का कैश, सीक्रेट चेंबर और कोर्ट का झटका: छत्तीसगढ़ के चर्चित कैश जब्ती मामले में आया नया मोड़! लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती पर गूंजा राष्ट्रीय एकता का संकल्प, मंत्री लखन लाल देवांगन व भाजपा जिलाध्यक्ष गोपाल मोदी ने अर्पित किए श्रद्धासुमन चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: छत्तीसगढ़ में प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राहत, सीएम साय ने दिए सर्वे के निर्देश छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे के बाद सियासी घमासान: सुधांशु त्रिवेदी बोले— ‘जंगल से नक्सलवाद गया, पर दिल्ली में ‘दिमागी नक्सल’ बाकी’ रात को सोते समय पैरों के तलवों में जलन क्यों होती है? जानिए कारण, राहत के उपाय और कब लें डॉक्टर की सलाह
Home » Uncategorized » सदन में ‘सत्ता’ और ‘सरोकार’ का मिलन: जब विधायक पत्नी ने मुख्यमंत्री पति से पूछे जनहित के सवाल

सदन में ‘सत्ता’ और ‘सरोकार’ का मिलन: जब विधायक पत्नी ने मुख्यमंत्री पति से पूछे जनहित के सवाल

Share:

सदन में ‘सत्ता’ और ‘सरोकार’ का मिलन: जब विधायक पत्नी ने मुख्यमंत्री पति से पूछे जनहित के सवाल

शिलॉन्ग: मेघालय विधानसभा के भीतर हाल ही में एक ऐसा नजारा देखने को मिला जो लोकतंत्र की मजबूती और गरिमा की मिसाल बन गया है। सदन में ‘प्रश्नकाल’ के दौरान जब गाम्बेग्रे निर्वाचन क्षेत्र की नवनिर्वाचित विधायक मेहताब चांदी ए. संगमा खड़ी हुईं, तो सामने जवाब देने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री और उनके पति कोनराड संगमा मौजूद थे।

रिश्ता निजी, कर्तव्य सार्वजनिक

आमतौर पर राजनीति में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस देखी जाती है, लेकिन यहाँ नजारा अलग था। एक पत्नी ने विधायक के तौर पर अपने क्षेत्र की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने भी मुस्कुराहट के साथ, लेकिन पूरी तरह पेशेवर अंदाज में तथ्यों के साथ उन सवालों के जवाब दिए।

सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय

सदन की कार्यवाही का यह वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है। लोग इस बात की सराहना कर रहे हैं कि कैसे दोनों ने अपने निजी रिश्ते को संवैधानिक दायित्वों के बीच आड़े नहीं आने दिया। वीडियो में सदन के अन्य सदस्य भी इस हल्के-फुल्के लेकिन गंभीर संवाद का आनंद लेते दिखे।

क्यों खास है यह घटना?

  • मर्यादा का पालन: दोनों ने सदन के प्रोटोकॉल और गरिमा को पूरी तरह बनाए रखा।

  • पारदर्शिता: मुख्यमंत्री ने बिना किसी पक्षपात के एक लोक प्रतिनिधि के तौर पर अपनी पत्नी को उत्तर दिए।

  • महिला सशक्तिकरण: यह राजनीति में महिलाओं की सक्रिय और स्वतंत्र भागीदारी का सशक्त उदाहरण है।

यह घटना यह संदेश देती है कि जब बात जनता के मुद्दों की हो, तो पारिवारिक रिश्ते गौण हो जाते हैं और ‘संवैधानिक धर्म’ ही सर्वोपरि होता है।