रायपुर/दामाखेड़ा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीरपंथ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल दामाखेड़ा में आयोजित ‘सतगुरु कबीर संत समागम समारोह’ में शामिल हुए। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस गरिमामय समारोह में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के विकास, शांति और कबीरपंथ के प्रभाव को लेकर बड़ी बातें कहीं।

मुख्य घोषणाएं और महत्वपूर्ण बिंदु:
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बजट में बढ़ोतरी: मुख्यमंत्री ने संत समागम समारोह के लिए दी जाने वाली राशि को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने की घोषणा की।
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नाम परिवर्तन: दामाखेड़ा का नाम आधिकारिक रूप से ‘कबीर धर्मनगर’ करने के लिए राजपत्र में प्रकाशन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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नक्सलवाद का अंत: श्री साय ने कड़ा संकल्प दोहराते हुए कहा कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश से नक्सलवाद को जड़ से समाप्त कर दिया जाएगा।
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आशीर्वाद ग्रहण: मुख्यमंत्री ने 16वें वंशाचार्य पंथ श्री उदित मुनि नाम साहेब और पंथ श्री प्रकाश मुनि नाम साहेब को चादर व श्रीफल भेंट कर प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
डबल इंजन सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि “छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की राह पर है। कबीरपंथ के शांतिपूर्ण सिद्धांतों का यहां के जनजीवन पर गहरा प्रभाव है।” उन्होंने बताया कि डबल इंजन की सरकार जनता से किए वादों को तेजी से पूरा कर रही है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी पंथ श्री उदित मुनि नाम साहब के समाज सेवा और नशामुक्ति के कार्यों की सराहना की।
विदेशी मेहमानों की उपस्थिति
पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहब ने बताया कि इस वर्ष दामाखेड़ा मेले में न केवल देश के विभिन्न राज्यों से, बल्कि विदेशों से भी कबीरपंथी अनुयायी पहुंचे हैं। समारोह में खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: इस अवसर पर पंथश्री उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथ के अनुयायी उपस्थित थे।








