गरियाबंद/राजिम | जिले का फिंगेश्वर थाना क्षेत्र रविवार की शाम सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलस गया। ग्राम दुधकैयां में दो पक्षों के बीच उपजा आक्रोश इस कदर बढ़ा कि देखते ही देखते पूरा गांव रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। उपद्रवियों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगे पर रखकर जमकर तांडव मचाया।

इस भीषण हिंसा में लगभग 11 घरों को आग के हवाले कर दिया गया, वहीं बीच-बचाव करने पहुंची पुलिस पर भी जानलेवा पथराव किया गया।
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पुरानी रंजिश और जमानत ने सुलगाई चिंगारी
घटना की पृष्ठभूमि एक साल पुरानी है। बताया जा रहा है कि गांव के शिव मंदिर में शिवलिंग खंडित करने के मामले में आरोपी (आरिफ व अन्य) हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि बाहर आते ही आरोपियों ने गवाहों और शिकायतकर्ताओं को डराना-धमकाना शुरू किया। रविवार शाम यही रंजिश ज्वालामुखी बनकर फटी और दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए।
आगजनी का तांडव: खाक हुईं गाड़ियां, दहशत में ग्रामीण

उपद्रवियों ने हिंसा के दौरान चुन-चुनकर घरों को निशाना बनाया। देखते ही देखते 7 से 11 घरों से आग की लपटें उठने लगीं। घर के बाहर खड़ी 4 से अधिक कारें और आधा दर्जन मोटरसाइकिलें धू-धू कर जल गईं। हिंसा के वक्त कई घरों में महिलाएं और बच्चे फंसे थे, जिन्हें पुलिस के जवानों ने सूझबूझ से सुरक्षित बाहर निकाला, वरना बड़ी जनहानि हो सकती थी।
खाकी पर हमला: छावनी में तब्दील हुआ इलाका

तनाव बढ़ता देख जब फिंगेश्वर और राजिम पुलिस की टीम मौके पर पहुंची, तो बेकाबू भीड़ ने पुलिस पर ही पथराव शुरू कर दिया। हमले में 5-6 पुलिसकर्मी चोटिल हुए हैं। स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और कड़ा बल प्रयोग करना पड़ा। देर रात आईजी और एसपी ने भारी सशस्त्र बल के साथ गांव में मोर्चा संभाला।
“गांव में फिलहाल शांति है और चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात है। हमने कई उपद्रवियों को हिरासत में लिया है। किसी भी सूरत में माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ग्रामीण अफवाहों से बचें।” > — पुलिस प्रशासन, गरियाबंद








