रायपुर 18 मई : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब वीआईपी और वरिष्ठ राजनेता भी सुरक्षित नहीं हैं। शहर में लगातार बढ़ती लूट, छीना-झपटी और चाकूबाजी की घटनाओं के बीच सोमवार सुबह एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूबे के वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक दिनदहाड़े मोबाइल स्नैचिंग का शिकार हो गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल वारदात ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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मॉर्निंग वॉक के दौरान हुई वारदात
मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब 8:15 बजे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक रोजाना की तरह अपनी नियमित मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) पर निकले थे। वह सड़क पर टहल ही रहे थे कि अचानक बाइक पर सवार एक अज्ञात युवक उनके बेहद करीब पहुंचा। इससे पहले कि कौशिक कुछ समझ पाते, शातिर बदमाश ने उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटा और तेजी से रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात पलक झपकते ही इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग और राहगीर जब तक माजरा समझते, आरोपी नजरों से ओझल हो चुका था। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त कौशिक को कोई शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन वारदात के समय वह अकेले थे।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप, जांच के लिए टीमें गठित
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के साथ सरेराह हुई इस लूट की खबर जैसे ही पुलिस महकमे को मिली, आला अधिकारियों के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच की कमान संभाली। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। घटना स्थल और उसके आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि बाइक के नंबर और आरोपी के हुलिए की पहचान की जा सके। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की अलग-अलग विशेष टीमों को काम पर लगाया गया है, हालांकि ताजा जानकारी मिलने तक बदमाश पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
गृह मंत्री की बैठक के बीच वारदात, विपक्ष हमलावर
यह घटना उस वक्त हुई है जब प्रदेश के गृह मंत्री विजय शर्मा खुद राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिस अधिकारियों के साथ हाई-लेवल समीक्षा बैठक कर रहे हैं। गृह मंत्री की बैठक के दौरान ही सत्ताधारी दल के इतने बड़े नेता से लूट हो जाना सरकार के लिए बड़ी फजीहत का सबब बन गया है। इस घटना के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को सरकार और पुलिस प्रशासन को घेरने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। विपक्ष का आरोप है कि जब राजधानी में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या हाल होगा।
रायपुर में लगातार बढ़ रहा है अपराध का ग्राफ
राजधानी रायपुर में पिछले कुछ महीनों से आपराधिक ग्राफ तेजी से ऊपर भागा है। शहर के अलग-अलग इलाकों से आए दिन मोबाइल स्नैचिंग, चाकूबाजी, चेन स्नेचिंग और लूटपाट की खबरें आ रही हैं।
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पंडरी इलाका: हाल ही में पंडरी क्षेत्र में एक युवक पर ब्लेड से जानलेवा हमला कर उसका मोबाइल लूट लिया गया था।
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खरोरा इलाका: खरोरा में हुई लगभग 80 लाख रुपये की सनसनीखेज डकैती/लूट के आरोपी भी काफी समय बीत जाने के बाद अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
आम जनता में खौफ और असुरक्षा का माहौल
सरेराह हो रही इन वारदातों ने रायपुर के आम नागरिकों के भीतर डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। महिलाओं और बुजुर्गों का घरों से अकेले निकलना दूभर होता जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की सुस्त गश्त और अपराधियों में कानून का खौफ खत्म होने की वजह से ऐसी घटनाएं रोज की बात बन गई हैं। रायपुर की जनता अब सड़कों पर उतरकर पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और रात व सुबह के वक्त पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग कर रही है।
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