रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए पुलिस आयुक्त प्रणाली (Police Commissionerate System) को आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया है। 23 जनवरी से प्रभावी हुई इस व्यवस्था के तहत वरिष्ठ IPS अधिकारी और बिलासपुर के पूर्व आईजी डॉ. संजीव शुक्ला ने रायपुर के पहले पुलिस आयुक्त के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।
कड़े फैसले: पुराने स्थानांतरण आदेश तत्काल प्रभाव से स्थगित
पदभार ग्रहण करते ही पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला ने प्रशासनिक स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा आदेश जारी किया है। कमिश्नर प्रणाली लागू होने से ठीक पहले पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए आरक्षक से लेकर निरीक्षक (Inspector) स्तर तक के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादला आदेशों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।
आदेश की मुख्य बातें:
रवानगी पर रोक: जिन पुलिसकर्मियों के ट्रांसफर हो चुके थे लेकिन उन्होंने नई पदस्थापना पर रवानगी नहीं ली थी, उन्हें अब कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा।
नवीन पदस्थापना पर रोक: पुलिस आयुक्त प्रणाली के पूर्णतः सुव्यवस्थित होने तक किसी भी प्रकार की नई पदस्थापना पर रोक लगा दी गई है।
यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश: सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्तमान पदस्थापना पर ही बने रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बदलेगा सुरक्षा का ढांचा
रायपुर में इस नई प्रणाली की शुरुआत के साथ ही पुलिस प्रशासन के ढांचे में व्यापक बदलाव की उम्मीद है। इस व्यवस्था से पुलिस को सीधे मजिस्ट्रेट शक्तियां प्राप्त होंगी, जिससे अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था बनाए रखने में अधिक तेजी और स्वायत्तता आएगी।








