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कोरबा में मिनी सबरीमाला सा नजारा: 1100 दीपों की रोशनी से जगमगाया श्री अयप्पा मंदिर, निकली भव्य शोभायात्रा

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कोरबा। 14 जनवरी को औद्योगिक नगरी कोरबा स्थित एसईसीएल (SECL) परिसर का श्री अयप्पा मंदिर बुधवार को भक्ति और आस्था के अनूठे संगम का गवाह बना। अवसर था मकर संक्रांति और 41 दिवसीय मंडल पूजा के समापन का, जिसे श्री अयप्पा सेवा समिति द्वारा बेहद भव्य स्तर पर मनाया गया। मंदिर परिसर में जब एक साथ 1100 दीप प्रज्वलित किए गए, तो पूरी फिजा अलौकिक आभा से सराबोर हो उठी।

भोर से शुरू हुआ अनुष्ठानों का दौर

उत्सव का आगाज तड़के 5:00 बजे प्रभात फेरी के साथ हुआ। केरल की पारंपरिक पद्धति के अनुसार निर्माल्य दर्शन, गणपति होमम, कलश अभिषेक और उषा पूजा जैसे विशेष विधान संपन्न किए गए। दोपहर में आयोजित विशाल भंडारे में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर महाप्रसाद ग्रहण किया।

नगर भ्रमण: भक्ति और संस्कृति का संगम

शाम को सीतामढ़ी स्थित राम जानकी मंदिर से भगवान अयप्पा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप और ‘स्वामी शरणम अयप्पा’ के जयघोष से समूचा शहर गुंजायमान रहा। यात्रा पुराना बस स्टैंड, पावर हाउस रोड और टीपी नगर चौक जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी, जहां स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।

मकर ज्योति का विशेष महत्व

समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि जिस तरह केरल के सबरीमाला में ‘मकर ज्योति’ के दर्शन होते हैं, उसी श्रद्धाभाव के साथ यहाँ भी मकर संक्रांति मनाई जाती है। श्रद्धालु 41 दिनों की कठिन साधना (मंडल काल) के बाद इस उत्सव में शामिल हुए। देर रात हुई आकर्षक आतिशबाजी और ‘आनंद महोत्सव’ ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया।

बालको में भी धूम: बालको सेक्टर-2 स्थित मंदिर से भी भव्य नगर भ्रमण का आयोजन किया गया।

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