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छत्तीसगढ़ बना निवेश का नया ‘पावरहाउस’: ₹7.83 लाख करोड़ के निवेश से खुलेंगे 1.5 लाख नौकरियों के द्वार

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उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन की पत्रकार वार्ता 

रायपुर, 19 दिसंबर 2024: छत्तीसगढ़ की आर्थिक फिजां तेजी से बदल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य अब केवल ‘लोहा और सीमेंट’ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेमीकंडक्टर, एआई (AI) और डेटा सेंटर जैसे भविष्य के उद्योगों का केंद्र बनकर उभर रहा है। उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने आज एक प्रेस वार्ता में राज्य की इस औद्योगिक क्रांति का ब्यौरा साझा किया।

निवेश के आंकड़े: एक नज़र में

  • कुल निवेश प्रस्ताव: ₹7.83 लाख करोड़ (नवंबर 2024 से अब तक)

  • कुल परियोजनाएं: 219 (18 अलग-अलग क्षेत्रों में)

  • संभावित रोजगार: 1.5 लाख नए अवसर

  • बड़ी परियोजनाएं: 57 प्रोजेक्ट्स ₹1,000 करोड़ से अधिक निवेश वाले।

बस्तर से सरगुजा तक: संतुलित औद्योगिक विकास

अब निवेश केवल राजधानी रायपुर तक सीमित नहीं है। सरकार की नीतियों के कारण उद्योगों का विकेंद्रीकरण हुआ है:

  • बस्तर संभाग: हर 5 में से 1 निवेश (21%) आदिवासी बहुल बस्तर में।

  • रायपुर संभाग: 33% निवेश।

  • बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा: 46% निवेश।

ग्राउंड ब्रेकिंग रफ्तार: फाइलों से निकलकर जमीन पर उतरी योजनाएं

मंत्री देवांगन ने बताया कि राज्य सरकार केवल एमओयू (MoU) करने में नहीं, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारने में विश्वास रखती है:

  1. उत्पादन शुरू: ₹6,063 करोड़ की 9 बड़ी परियोजनाओं में काम शुरू हो चुका है, जिससे 5,500 लोगों को रोजगार मिला है।

  2. अग्रिम चरण: 109 परियोजनाएं (लगभग 50%) निर्माण या भूमि आवंटन के चरण में हैं, जो जल्द ही 87,132 रोजगार सृजित करेंगी।

  3. सेमीकंडक्टर क्रांति: ‘पॉलीमेटेक’ की ₹10,000 करोड़ की फैक्ट्री को मात्र 45 दिनों में जमीन आवंटित की गई।

  4. देश का पहला AI पार्क: रेकबैंक का ₹1,000 करोड़ का एआई डेटा सेंटर पार्क पूर्णता की ओर है।

प्रमुख सुधार: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में छत्तीसगढ़ अव्वल

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार ने बताया कि राज्य की इस सफलता के पीछे प्रशासनिक सुधारों का बड़ा हाथ है:

  • सिंगल विंडो सिस्टम: 132 स्वीकृतियां अब सिर्फ एक क्लिक पर।

  • अपराधमुक्तिकरण: ‘जन विश्वास अधिनियम’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य (279 छोटे अपराधों को गैर-आपराधिक श्रेणी में डाला)।

  • डिजिटल गवर्नेंस: ऑटोमैटिक लैंड म्यूटेशन और एकीकृत सॉफ्टवेयर से लेआउट-बिल्डिंग की तत्काल अनुमति।

  • राष्ट्रीय पहचान: DPIIT द्वारा चार श्रेणियों में ‘टॉप अचीवर’ का सम्मान।

“छत्तीसगढ़ अब सिर्फ लोहा-इस्पात के लिए नहीं, बल्कि हाई-टेक इंडस्ट्री, फूड प्रोसेसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी के लिए जाना जा रहा है। हमारी सरकार उद्यमियों को हर कदम पर सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।” > — विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

प्रेस वार्ता में उपस्थिति: इस दौरान सी.एस.आई.डी.सी. अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, सचिव उद्योग श्री रजत कुमार, संचालक उद्योग श्री प्रभात मलिक और एमडी श्री विश्वेश कुमार उपस्थित रहे।

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